सिर्फ गाली ही एब्यूज नहीं होती, अगर आपका पार्टनर करता है ऐसा बर्ताव तो हो जाएं सतर्क

एब्यूजिव लैंग्वेज में सिर्फ गाली ही नहीं होती. ऐसे वो सभी शब्द जो आपको मानसिक रूप से परेशान करते हैं या आपको ट्रॉमा की स्थिति में ले जाते हैं वे एब्यूज का ही एक रूप होते हैं.

आप लिव इन में हों या दांपत्य जीवन गुजार रहे हों, या किसी भी रिलेशनसिप में हो. कई बार ऐसी स्थितियों को फेस भी करते होंगे जो आपको अच्छा फील नहीं देती होंगी. कपल्स के बीच अंडरस्टैंडिंग हो तब तो ठीक है, पर जब एब्यूजिव लैंग्वेज का बार-बार प्रयोग हो और यह सिलसिला न रूके तो मामला सेंसेटिव है और पानी सिर से ऊपर जा रहा है. आइए जानते हैं कि क्या है एब्यूजिव लैंग्वेज.

परिचितों के बीच इनसल्ट

कई बार आपका पार्टनर आपके संबंध में आपको परिचितों या पब्लिक प्लेस पर आपको ऐसी बातें बोल देता है, जो आपको अच्छी नहीं लगती है. यह एक तरह का एब्यूज ही है. वैसे में आपको अनकंफर्टेबल सिचुएशन को फेस करना पड़ता है.

मजाक उड़ाना भी है एब्यूज

आपके पार्टनर के द्वारा लोगों की मौजूदगी में बोली गई ऐसी बात जिससे आपका सार्वजनिक मजाक उड़े और आप इंसल्ट फील करें, तो यह अब्युज ही है. ऐसे में आपको मानसिक यंत्रणा झेलनी पड़ती है.

पल-पल की नजर रखना गलत

आपका पार्टनर आपके हर पल की खबर रखने लगे कि आप कब कहां जाते हैं, किसके साथ हैं, आपने क्या पहना हैं, क्या खाते हैं और इन चीजों पर वो अपनी मर्जी थोपने लगे तो यह एक प्रकार की एब्यूज ही है.

प्राइवेट स्पेस में न घुसने दें

आपका पार्टनर आपके प्राइवेट स्पेस और आपकी बाउंड्री को क्रॉस कर रहा है तो यह एक एब्यूजिव सिचुएशन है. आप मोबाइल में क्या कर रहें, फ्रेंड्स या परिवार के मेंबर्स से क्या बातें कर रहीं, यह जानने की जबरदस्ती कोशिश करना एब्यूज है.

कम्पेयर करना गलत

आपका पार्टनर कई बार अलग-अलग सिचुएशंस में आपको नीचा दिखाने की कोशिश करता है. आपकी किसी से तुलना करता है, जिससे आपको मानसिक कष्ट पहुंचे तो यह एब्यूज के अंतर्गत आता है.

मत करने दें ब्लेम

कई बार आपको ऐसी चीजों के लिए भी दोषी ठहराया जाता है, जिसके कसूरवार आप नहीं हैं. छोटी-छाटी चीजों के लिए भी आपको पार्टनर के द्वारा ब्लेम किया जाता है, तो यह एब्यूज होता है.

इमोशंस का मजाक

इमोशंस में शेयर की गईं बातों का पार्टनर मजाक उड़ाए और आपको भावनाओं को न समझे तो यह एब्यूज है. यह साबित करता है कि उसकी नजर में आपकी भावनाओं का कोई स्थान नहीं है. वह उसे नजरअंदाज कर रहा है.

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टॉन्ट मारना फेयर नहीं

बात-बात पर टॉन्ट कसना यानी ताने मारना पार्टनर के एब्यूजिव नेचर को दर्शाता है. इस तरह से आपको बार-बार हर्ट किया जाना कहीं से भी रिलेशनशिप में फेयर नहीं कहा जा सकता.

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By Neha Singh

Neha Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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