पौधे को छोटे गमले से बड़े गमले में कब और कैसे करें शिफ्ट? जानिए आसान तरीका

How to repot a plant: मानसून का मौसम पौधों की रिपोटिंग के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. अगर आपका पौधा छोटे गमले में बढ़ना बंद कर चुका है या उसकी पत्तियां पीली पड़ रही हैं, तो जानिए उसे बड़े गमले में शिफ्ट करने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां.

How to repot a plant: मानसून में हरियाली तेजी से बढ़ती है और यही समय घर के पौधों की अच्छी देखभाल का भी होता है. अगर आपके किसी पौधे की जड़ें गमले में पूरी तरह भर चुकी हैं या उसकी बढ़त पहले जैसी नहीं रही, तो समझ जाइए कि अब उसे बड़े गमले की जरूरत है. सही समय और सही तरीके से रिपोटिंग करने पर पौधा तेजी से विकसित होता है, जबकि जल्दबाजी या लापरवाही उसकी जड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है. ऐसे में आइए जानते हैं संगीता देवी (पौधों की अच्छी जानकार और पिछले 22 सालों से होम गार्डेनिंग और ऑर्गेनिक फाॅर्मिंग में सक्रिय) से जानते हैं मानसून में पौधे को छोटे गमले से बड़े गमले में शिफ्ट करने का आसान और सुरक्षित तरीका.

कैसे पहचानें कि पौधे को बड़े गमले की जरूरत है?

यदि पौधे की पत्तियां लगातार पीली पड़ रही हैं, नई शाखाएं नहीं निकल रही हैं या पानी देने के तुरंत बाद मिट्टी सूख जाती है, तो यह संकेत हो सकता है कि गमला छोटा पड़ गया है. कई बार जड़ें गमले के नीचे बने छेद से बाहर भी दिखाई देने लगती हैं, जो रिपोटिंग की जरूरत का स्पष्ट संकेत है.

सही गमले का करें चुनाव

पौधे को शिफ्ट करते समय पुराने गमले से केवल 2 से 3 इंच बड़ा गमला चुनें. बहुत बड़े गमले में अतिरिक्त मिट्टी लंबे समय तक गीली रहती है, जिससे पानी भरने और जड़ों के सड़ने का खतरा बढ़ सकता है. नए गमले में ड्रेनेज होल जरूर होना चाहिए ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके.

इस तरीके से करें रिपोटिंग

रिपोटिंग से एक दिन पहले पौधे में हल्का पानी दें, ताकि मिट्टी नरम हो जाए और पौधा आसानी से बाहर निकल सके. पौधे को सावधानी से निकालें और यदि जड़ें बहुत ज्यादा आपस में उलझी हों, तो उन्हें हल्के हाथों से थोड़ा ढीला करें. नए गमले के नीचे ड्रेनेज के लिए कंकड़ या टूटे हुए मिट्टी के टुकड़े रखें. इसके बाद ताजी और पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी डालें, पौधे को बीच में सीधा रखें और चारों तरफ मिट्टी भरकर हल्के हाथ से दबा दें.

रिपोटिंग के बाद रखें इन बातों का ध्यान

पौधे को शिफ्ट करने के तुरंत बाद तेज धूप में न रखें. बेहतर होगा कि उसे कुछ दिनों तक छांव वाली जगह पर रखें, ताकि जड़ें नए वातावरण में आसानी से जम सकें. जरूरत से ज्यादा पानी देने से भी बचें. साथ ही, जड़ों को बिना वजह बार-बार छेड़ने की गलती न करें, क्योंकि इससे पौधे की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है. सही देखभाल के साथ आपका पौधा मानसून में पहले से ज्यादा स्वस्थ और हरा-भरा नजर आएगा.

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By Pushpanjali

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