बच्चा स्कूल जाने से करता है मना? इन वजहों को न करें नजरअंदाज

Child Refuses to Go to School: बच्चा स्कूल जाने से मना करता है, तो इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं. जानें बच्चे की परेशानी समझने के आसान तरीके और कैसे प्यार से उसकी मदद करें.

Child Refuses to Go to School: सुबह स्कूल जाने का समय होते ही अगर बच्चा पेट दर्द, थकान या किसी और बहाने से स्कूल जाने से मना करने लगे, तो माता-पिता को उसकी बात ध्यान से सुननी चाहिए. कई बार बच्चा अपनी परेशानी सीधे नहीं बता पाता. स्कूल का नया माहौल, पढ़ाई का दबाव, दोस्तों के साथ अनबन या किसी शिक्षक से जुड़ी बात उसे परेशान कर सकती है. ऐसे में डांटने के बजाय प्यार से उसकी बात समझना ज्यादा जरूरी है.

नया स्कूल या माहौल पसंद न आना

अगर बच्चा पहली बार स्कूल जा रहा है या नया स्कूल शुरू किया है, तो उसे वहां के माहौल में घुलने-मिलने में थोड़ा समय लग सकता है. नए शिक्षक, नए बच्चे और नई जगह देखकर उसे डर या झिझक महसूस हो सकती है. ऐसे समय में बच्चे को थोड़ा समय दें और उससे रोज स्कूल के बारे में प्यार से बात करें.

पढ़ाई का ज्यादा दबाव

होमवर्क, टेस्ट और अच्छे नंबरों की चिंता भी बच्चे को परेशान कर सकती है. अगर उसे लगता है कि वह पढ़ाई में बाकी बच्चों से पीछे है, तो स्कूल जाने का मन कम हो सकता है. माता-पिता को हर समय नंबरों की बात करने के बजाय बच्चे की मेहनत की तारीफ करनी चाहिए और पढ़ाई को आसान बनाने में उसकी मदद करनी चाहिए.

दोस्तों से जुड़ी परेशानी

कभी-कभी दोस्तों के साथ हुई कोई बात भी बच्चे को स्कूल से दूर कर सकती है. कोई बच्चा उसका मजाक उड़ाता हो, उसे खेल में शामिल न करता हो या बार-बार परेशान करता हो, तो बच्चा स्कूल जाने से बच सकता है. अगर बच्चा अचानक चुप रहने लगे या स्कूल का नाम सुनकर परेशान हो, तो उससे आराम से पूछें कि वहां सब ठीक है या नहीं.

शिक्षक से जुड़ी कोई बात

किसी शिक्षक की डांट या कक्षा में हुई कोई ऐसी बात, जिससे बच्चा असहज महसूस करे, उसके मन में स्कूल को लेकर डर पैदा कर सकती है. ऐसे में पहले बच्चे की पूरी बात सुनें. अगर परेशानी सही लगती है, तो शिक्षक या स्कूल से शांत तरीके से बात करके समाधान निकालने की कोशिश करें.

बच्चे की नींद और दिनचर्या भी देखें

कम नींद, देर रात तक मोबाइल चलाना या दिनभर की थकान से भी बच्चा सुबह स्कूल जाने में परेशान हो सकता है. इसलिए उसकी नींद, खाने और स्क्रीन टाइम का भी ध्यान रखें. रोज एक आसान और तय दिनचर्या रखने से बच्चे को काफी मदद मिल सकती है.

बच्चे से प्यार से बात करें

सबसे जरूरी है कि बच्चे को लगे कि माता-पिता उसकी बात समझेंगे. स्कूल जाने से मना करने पर तुरंत डांटने के बजाय पूछें कि उसे वहां जाने में क्या परेशानी हो रही है. उसकी बात बीच में न काटें और न ही उसका मजाक बनाएं. अगर बच्चा लंबे समय तक स्कूल जाने से मना करता रहे या बहुत ज्यादा परेशान दिखे, तो किसी डॉक्टर या बाल विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है.

यह भी पढ़ें: बच्चा आपसे हर बात बेझिझक बताएगा, बस पैरेंट्स को बदलनी होंगी ये 5 आदतें


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अनुष्का सिंह

अनुष्का सिंह प्रभात खबर डिजिटल में लाइफस्टाइल जर्नलिस्ट हैं. वह फैशन, ब्यूटी, स्किनकेयर, होम डेकोर, गार्डनिंग, घरेलू टिप्स और रोजमर्रा की लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर खबरें लिखती हैं. इसके अलावा वह बदलते लाइफस्टाइल ट्रेंड्स, मौसमी देखभाल, हेल्थ टिप्स और घर को बेहतर बनाने से जुड़ी उपयोगी जानकारी भी पाठकों तक पहुंचाती हैं. उन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी, रांची से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों को आसान भाषा में सटीक, भरोसेमंद और उपयोगी जानकारी मिले, जिसे वे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से अपना सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >