Black Plastic Food Packaging: आजकल ऑनलाइन खाना मंगाना बहुत आम हो गया है. हम ऑर्डर करते समय स्वाद, कीमत और रेस्टोरेंट की रेटिंग देखते हैं, लेकिन खाना किस डिब्बे में आ रहा है, इस पर कम ध्यान देते हैं. खासकर काले प्लास्टिक के डिब्बों को लेकर कई सवाल सामने आए हैं. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है. बस खाना मिलने के बाद कुछ आसान बातों का ध्यान रखना बेहतर है.
काले प्लास्टिक को लेकर क्यों उठे सवाल?
काले प्लास्टिक को सिर्फ उसके रंग से खराब नहीं कहा जा सकता. 2024 में केमोस्फियर जर्नल में प्रकाशित From e-waste to living space नाम की एक रिसर्च में 203 काले प्लास्टिक सामानों की जांच की गई थी. इनमें कुछ चीजों में ऐसे केमिकल मिले, जो इलेक्ट्रॉनिक सामान में इस्तेमाल होते हैं. रिसर्च में बताया गया कि पुराने प्लास्टिक की रीसाइक्लिंग के दौरान ये केमिकल दूसरी प्लास्टिक चीजों तक पहुंच सकते हैं, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर काला प्लास्टिक डिब्बा नुकसानदायक है. इसलिए सिर्फ रंग देखकर घबराने के बजाय प्लास्टिक का इस्तेमाल सही तरीके से करना बेहतर है.
क्या काले प्लास्टिक से कैंसर होता है?
काले प्लास्टिक के डिब्बे को सीधे कैंसर का कारण बताना सही नहीं होगा. प्लास्टिक से जुड़ा असर कई चीजों पर निर्भर करता है. जैसे डिब्बा किस सामग्री से बना है, उसमें कौन से पदार्थ मौजूद हैं और उसका इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है. इसलिए अगर कभी ऑनलाइन खाना काले डिब्बे में आ जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है. बस इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करने या गलत तरीके से गर्म करने से बचना बेहतर है.
गर्म खाना प्लास्टिक में रखने पर रखें ध्यान
गर्म खाना लंबे समय तक प्लास्टिक के डिब्बे में रखने से बचें. ज्यादा गर्मी में डिब्बे से कुछ पदार्थ खाने में जा सकते हैं. इसलिए खाना गर्म करने के लिए वही प्लास्टिक कंटेनर इस्तेमाल करें, जिस पर माइक्रोवेव में इस्तेमाल करने की जानकारी दी गई हो.
खाना डिलीवर होने के बाद क्या करें?
अगर खाना बहुत गर्म होकर प्लास्टिक के डिब्बे में आया है, तो उसे लंबे समय तक उसी में रखने से बचें. चाहें तो खाना कांच, स्टील या सिरेमिक के बर्तन में निकाल लें. अगर खाना दोबारा गर्म करना है, तो उसे दूसरे बर्तन में निकालकर गर्म करना आसान विकल्प है. खासकर तब, जब प्लास्टिक के डिब्बे पर माइक्रोवेव में इस्तेमाल करने की जानकारी न दी गई हो. अगर कंटेनर पर साफ लिखा है कि वह माइक्रोवेव में इस्तेमाल किया जा सकता है, तभी उसे माइक्रोवेव में रखें. खाद्य पैकेजिंग को उसी काम के लिए इस्तेमाल करना चाहिए, जिसके लिए उसे बनाया गया है.
इन छोटी बातों का रखें ध्यान
- बहुत गर्म खाना लंबे समय तक प्लास्टिक के डिब्बे में न रखें.
- खाना मिलने के बाद जरूरत हो तो दूसरे बर्तन में निकाल लें.
- हर प्लास्टिक कंटेनर को माइक्रोवेव में न रखें.
- डिब्बे पर दी गई इस्तेमाल की जानकारी जरूर पढ़ें.
- सिर्फ काला रंग देखकर डिब्बे को नुकसानदायक न मानें.
- प्लास्टिक के डिब्बे को बार-बार गर्म करने से बचें.
ऑनलाइन खाना मंगाने से डरने की जरूरत नहीं है. बस गर्म खाना, प्लास्टिक की पैकेजिंग और उसे गर्म करने के तरीके को लेकर थोड़ी सावधानी रखना समझदारी है. उपलब्ध रिसर्च के आधार पर सबसे जरूरी बात यही है कि प्लास्टिक कंटेनर का इस्तेमाल उसकी तय जानकारी के अनुसार किया जाए.
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