Iran Attack Bahrain US Air Base Destroyed: सोमवार को यह सूचना आई कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों में 6 अमेरिकी सैनिक दौरान मारे गए. अमेरिकी जनरल स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने अमेरिकी जवानों की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए आगे और नुकसान की आशंका जताई. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अनुमान लगाया है कि मौजूदा अभियान लगभग चार सप्ताह तक चल सकता है. इन बातों से लगता है कि ईरान को शायद कम आंका गया था. अब खबर है कि ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी एयरबेस का कमांड भवन ध्वस्त कर दिया है.
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के हमले में बहरीन में स्थित एक अमेरिकी एयरबेस का मुख्य कमांड मुख्यालय नष्ट हो गया है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से संबद्ध फार्स समाचार एजेंसी द्वारा जारी एक वीडियो क्लिप में दूर स्थित लक्ष्यों पर रॉकेटों की बारिश होती दिखाई गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, बहरीन के शेख ईसा क्षेत्र में स्थित इमारत को IRGC के ड्रोन और मिसाइलों ने निशाना बनाया, जिससे ईंधन टैंक में विस्फोट हो गया. हालांकि, अमेरिका की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.
मनामा में अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े पर मिसाइल हमला
इससे पहले, बहरीन ने राजधानी मनामा में स्थित अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े के मुख्यालय पर मिसाइल हमले की पुष्टि की थी. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में ईरान के शाहेद ड्रोन को मुख्यालय के पास स्थित एक टॉवर ब्लॉक पर हमला करते दिखा था. इसकी वजह से इमारत आग की लपटों में घिर गया था. बहरीन के गृह मंत्रालय ने कहा कि मनामा में कई रिहायशी इमारतों को भी निशाना बनाया गया है और नागरिक सुरक्षा बल घटनास्थलों पर आग बुझाने और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं.
बाद में जारी सैटेलाइट तस्वीरों में दिखाया गया कि ईरान के हमलों ने मनामा स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के बेस को निशाना बनाया. हमलों से पहले और बाद की तस्वीरों की तुलना में अमेरिकी सुविधा को हुए नुकसान का पैमाना साफ दिखाई देता है.
अमेरिकी नौसैनिक अड्डे से उठा धुआं
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में बेस के आसपास के इलाके से धुआं उठता देखा गया. बहरीन सरकार ने पुष्टि की कि अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के परिसर को एक मिसाइल ने निशाना बनाया और इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया. अधिकारियों ने कहा कि मिसाइल हमले में फिफ्थ फ्लीट के सर्विस सेंटर को नुकसान पहुंचा और आपातकालीन प्रतिक्रिया दलों को तुरंत मौके पर तैनात किया गया.
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस हमले में कोई हताहत हुआ या नहीं. इसके अलावा बहरीन में संचालित एक अमेरिकी नौसैनिक अड्डे से भी घना धुआं उठता देखा गया. बहरीन ने इसे अपने देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया. इससे पहले बहरीन के क्राउन होटल पर भी ईरान हमला कर चुका है.
बहरीन में प्रोटेस्ट
बहरीन में ईरान के हमलों से इतर देश में प्रोटेस्ट भी हो रहे हैं. बहरीन की जनसंख्या में 49-50% आबादी शिया सेक्ट की है. ऐसे में वह अपनी सरकार पर ईरान का समर्थन करने का दबाव डाल रहे हैं. सोशल मीडिया पर मेघ अपडेट नाम के एक अकाउंट द्वारा शेयर किया गया एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि बहरीन में दंगे अभी शुरू हुए हैं, जिसमें देश से ईरान के इस्लामिक शासन के साथ आने और US सेना को निकालने की मांग की गई है. दंगाई सुरक्षा बलों के खिलाफ मोलोटोव कॉकटेल का इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि प्रभात खबर इस वीडियो की असलियत की पुष्टि नहीं करता.
खाड़ी में ईरान ने मचाया बवाल
इजरायल और अमेरिका ने शनिवार, 28 फरवरी को ईरान के कई प्रमुख ठिकानों पर संयुक्त रूप से हमला किया था. इसके जवाब में ईरान ने मध्य पूर्व के विभिन्न स्थानों पर हमले किए हैं. ईरान ने क्षेत्र में कई नए ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं. इससे उन खाड़ी देशों पर दबाव बढ़ गया है, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं. मंगलवार को सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी दूतावास पर भी दो ड्रोन से हमला किया गया था. इससे पहले कुवैत में भी अमेरिकी एंबेसी पर ईरानी हमला हुआ था.
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इसके अलावा सोमवार को एक अन्य घटना में कुवैत की वायु रक्षा प्रणाली ने कथित तौर पर ‘फ्रेंडली फायर’ के मामले में अमेरिका के तीन F-15 लड़ाकू विमानों को मार गिराया. हालांकि, सभी छह कर्मियों ने सुरक्षित रूप से बाहर निकलकर मेडिकल जांच कराई.
नागरिकों को देश से निकलने का दिया निर्देश
मनामा स्थित अमेरिकी दूतावास ने अमेरिकी नागरिकों से शहर के होटलों से दूर रहने की अपील की है. उसने चेतावनी दी कि क्राउन प्लाजा होटल पर हमले के बाद वे संभावित लक्ष्य बन सकते हैं. मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बहरीन और जॉर्डन में अपने उन कर्मचारियों और उनके परिवारों को निकालने का आदेश दिया है, जिनकी वहां तत्काल जरूरत नहीं है. मंत्रालय ने ऑनलाइन जारी घोषणा में कहा कि यह निर्णय ‘सुरक्षा जोखिमों’ के कारण लिया गया है.
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विदेश मंत्रालय ने ईरान के साथ जारी युद्ध के मद्देनजर पश्चिम एशिया में रहने वाले अमेरिकियों से भी देश छोड़ने का आग्रह किया है. तेहरान के हमलों में पारंपरिक सैन्य ठिकानों के अलावा अबू धाबी, दुबई, दोहा, शारजाह और मनामा जैसे शहरों को भी निशाना बनाया गया. इन हमलों के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने बहरीन समेत मध्य पूर्व के 12 अन्य देशों से अपने नागरिकों को तुरंत निकलने का निर्देश दिया है.
