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कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर ने शुरू किया ओरल एंटीवायरल ड्रग का क्लिनिकल ट्रायल

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
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नयी दिल्ली : कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में फाइजर ने घोषणा की है कि कोविड-19 के लिए कंपनी ने ओरल एंटीवायरल ड्रग का क्लिनिकल ट्रायल शुरू कर दिया है. माना जा रहा है कि कारोना के इलाज में यह ड्रग कामयाबी हासिल करेगी.

जानकारी के मुताबिक, अमेरिका की फार्मा कंपनी फाइजर अब ओरल ड्रग की तैयारी में जुट गयी है. कंपनी ने मंगलवार को दावा किया कि ओरल एंटीवायरल ड्रग का क्लिनिकल ट्रायल शुरू कर दिया है. इस दवा का वैज्ञानिक नाम पीएफ-07321332 है.

फाइजर की कोरोना वैक्सीन का इस्तेमाल दुनिया के कई देशों में किया जा रहा है. न्यू यॉर्क स्थित कंपनी के मुताबिक, ओरल एंटीवायरल ड्रग के तीसरे फेज का क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो चुका है. इसका ट्रायल फिलहाल अमेरिका में ही किया जा रहा है.

फार्मा कंपनी के मुताबिक, यह ड्रग उस दवा को ब्लॉक करेगी, जिसके कारण से ह्यूमन सेल में कोरोनावायरस तेजी से बढ़ता है. इसका इस्तेमाल अन्य वायरल रोगों (जैसे-एचआईवी और हेपेटाइटिस सी), प्रोटीज अवरोधकों के साथ किया जायेगा.

कोरोना महामारी से निबटने के लिए वैक्सीन के साथ-साथ जरूरी रोकथाम दोनों की जरूरत होती है, जो वायरस को संकुचित करते हैं. फाइजर के मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी माइकेल डोल्स्टेन ने कहा है कि जिस तरह से सार्स-कोव-2 परिवर्तित हो रहा है और कोरोना के वैश्विक प्रभाव को देखते हुए संभावना है कि वर्तमान और महामारी से परे दोनों चिकित्सीय विकल्पों तक पहुंच बनाना महत्वपूर्ण होगा.

कंपनी ने कहा है कि इसका ट्रायल उससमय से हो रहा है, जब फाइजर पीएफ-07304814 को विकसित कर रहा है. यह एक अंत:शिरा प्रोटेक्टर अवरोध करनेवाला है. अभी पहले चरण में अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों में उस दवा का नैदानिक परीक्षण किया जा रहा है.

मालूम हो कि फाइजर और जर्मन दवा निर्माता कंपनी बायोएनटेक को अमेरिका में स्वीकृत वैक्सीन है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया से कोरोना महामारी को समाप्त करने के लिए कई प्रकार की दवाओं और वैक्सीन की जरूरत होगी.

पूर्व नैदानिक अध्ययनों से पता चला है कि ओरल ड्रग नैदानिक परीक्षण में कोरोना का पहला प्रोटीज अवरोधक है. कंपनी के मुताबिक, कोरोना वायरस के खिलाफ यह शक्तिशाली एंटीवायरल गतिविधि है. कंपनी ने कहा है कि छह अप्रैल को अमेरिकन केमिकल सोसायटी की स्प्रिंग मीटिंग में दवा के बारे में विस्तृत जानकारी देगा.

कंपनी ने कहा है कि इस ड्रग का इस्तेमाल कोरोना वायरस से संक्रमित उन लोगों के लिए किया जा सकता है, जो अस्पतालों से बाहर हैं. क्योंकि, यह मुंह से लिया जाता है. शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि यह दवा रोग की प्रगति को धीमा कर देगा और लोगों को अस्पताल से बाहर रखेगा.

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