1. home Hindi News
  2. health
  3. cotton layer homemade cloth mask found most effective in new study for coronavirus know about n95 covid 19 surgical face masks latest heakth news in hindi

Covid-19 : कॉटन लेयर होममेड Cloth Mask नये अध्ययन में पाया गया सबसे प्रभावी, जानें और क्या हुआ खुलासा

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Covid-19 face masks, Clothes Mask, Surgical Mask, N95 Mask, Home made stitched mask effective in covid19
Covid-19 face masks, Clothes Mask, Surgical Mask, N95 Mask, Home made stitched mask effective in covid19
Prabhat Khabar Graphics

Covid-19 face masks, Clothes Mask, Surgical Mask, N95 Mask, Home made stitched mask effective in covid19 : फेस मास्क (Face Mask) को कोरोनो वायरस (Coronavirus) से लड़ने के लिए सबसे शक्तिशाली हथियारों के रूप में देखा जा रहा है. कई अध्ययनों से इसकी पुष्टि भी हुई है. अब एक नये अध्ययन से पता चला है कि तो घर में सिला मास्क कोरोना (Corona) के रोकथाम में हो सकता है सबसे प्रभावी. अध्ययन में यह भी खुलासा हुआ है कि भले ही आपके सामने कोई संक्रमित व्यक्ति क्यों न खड़ा हो या आप उसके करीब आये हो. लेकिन, दोनों ने यदि मास्क पहन रखा हो तो आपको संक्रमण का खतरा न के बराबर होगा.

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों के निदेशक रॉबर्ट रेडफ़ील्ड की मानें तो अगर अगले चार से आठ सप्ताह हम सभी लगातार मास्क पहनें तो महामारी को वैश्विक रूप से नियंत्रण में लाया जा सकता है. उक्त जानकारी रॉबर्ट ने अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के जर्नल के साथ जुलाई के मध्य में साझा की थी. उन्होंने इससे संबंधित पर्याप्त सबूत भी दिखाए. जिसमें यह मालूम चला है कि मास्क संक्रमण को रोकने में काफी कारगार है.

शोधकर्ता डॉ. रेडफील्ड ने हाल ही में प्रकाशित एक नए अध्ययन का हवाला देते हुए कहा कि वैश्विक रूप से उपयोग में लाए जा रहे सर्जिकल मास्क से निश्चित रूप से कोरोना के रोकथाम में सफलता मिलेगी.

160 देशों में अब फेस कवरिंग अनिवार्य

आपको बता दें कि हाल ही में सीडीसी ने भी सार्वजनिक रूप से क्लॉथ फेस कवरिंग के उपयोग की सलाह दी थी. बीएमजे में रविवार को प्रकाशित एक विश्लेषण के अनुसार, कोरोनो वायरस के प्रसार को कम करने के लिए 160 देशों में अब फेस कवरिंग अर्थात मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है.

अन्य स्वच्छ कपड़ों का मास्क भी कारगार

दुनियाभर के शोधकर्ताओं ने पाया है कि घर में मौजूद अन्य स्वच्छ कपड़ों से फेस को ढकना भी कोरोनो वायरस के प्रसार को कम करने में प्रभावी है. आपने देखा भी होगा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी भी गम्छे का प्रयोग मास्क के तौर पर करते आए हैं.

एक और शोधकर्ताओं की मानें तो होममेड मास्क भी सही है लेकिन, इसे कम से कम 3 परतों में बनाया जाए तब.

फेस मास्क के साथ अन्य दिशा-निर्देश भी जरूरी

हालांकि, विशेषज्ञ ने यह भी माना है कि मास्क के अलावा अन्य सावधानियां भी जरूरी है जैसे लगातार हैंडवाशिंग और सामाजिक दूरी बनाए रखना आदि. इन्हें नजरअंदाज करना घातक हो सकता है.

क्या कहता है अध्ययन

थोरैक्स पत्रिका में पिछले सप्ताह प्रकाशित एक रिर्पोट की मानें तो ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने अध्ययन में पाया है कि नॉनवॉवन सामग्री से बने तीन-लेयर के सर्जिकल मास्क, वायरस को फैलने से रोकने में काफी प्रभावी है. इसे पहन कर बोलने, खांसने और छींकने के दौरान एयर ड्रॉपलेटस न के बराबर बाहर आती हैं.

शोध में पता चला कि एन-95 मास्क को सबसे सही माना गया है. हालांकि, उपलब्धता के अभाव में स्वास्थ्य कर्मचारियों को कॉटन का मास्क दिया जा सकता है. शोध के अनुसार इन सस्ते फेस कवरिंग मास्क पर हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं ने शोध किया. जिसकी रिर्पोट थोरैक्स पत्रिका में पिछले सप्ताह प्रकाशित हुई है. इस अध्ययन में पाया गया कि नॉनवॉवन (Non Woven) सामग्री से बने तीन-प्लाई सर्जिकल मास्क से बोलने, खांसने और छींकने के दौरान एयर ड्रॉप्लेट्स बूंदें काफी कम मात्रा में फैली. इस सर्जिकल मास्क को एक-परत और दो परत के कॉटन मास्क की तुलना में अधिक प्रभावी पाया गया.

शोधकर्ताओं ने बताया कि अगर होममेड क्लॉथ मास्क को कम से कम तीन परतों में बनाया जाए तो यह कोरोना वायरस को रोकने का सबसे सरल, कम खर्चीला और उत्तम उपाय हो सकता है.

सूती कपड़े क्यों है प्रभावी ?

अध्ययन में पाया गया कि छिंकने के दौरान एयरोसोल बूंदें डबल-लेयर्ड कॉटन मास्क से औसतन 2.5 इंच आगे निकल गयी. इसके अलावा कान पर बंधे हुए ढीले-ढाले रूमाल भी बूंदों को रोकने में कम सहायक पाए गए. इससे बूंदें औसतन 1.25 और 3.5 फीट आगे चली गई. वहीं, सूती कपड़े से घर में सिले मास्क से बूंदें औसतन 8 इंच से कम ही बाहर निकल पाई.

शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि अगर घर में सिले सूती कपड़े के मास्क में दो लेयर कॉटन के कपड़ों की परतें शामिल कर दी जाएं तो, वह बूंदों को आगे प्रसार होने से रोकने में सबसे प्रभावी होंगी.

Posted By : Sumit Kumar Verma

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें