akshaya tritiya 2026 :आज अक्षय तृतीया का पावन पर्व है.इस दिन को अत्यंत शुभ के साथ -साथ फलदायी मानी है. कहा जाता है कि इस दिन किए गए दान,तप, जप और पुण्य कर्मों का फल अनंत काल तक बना रहता है क्योंकि इस पावन दिन के साथ ‘अक्षय’ शब्द जुड़ा हुआ है, जिसका अर्थ है जो कभी समाप्त न हो या जिसका क्षय न हो.हिंदी सिनेमा में अपने उम्दा अभिनय के साथ अपने व्यक्तित्व में सादगी,सहजता और अपनेपन के लिए जाने जाने वाले अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने इस पावन पर्व से जुड़े अपने आध्यात्मिक जुड़ाव को उर्मिला कोरी के साथ साझा किया. पेश है बातचीत के प्रमुख अंश
अक्षय तृतीया शब्द से अक्षय जुड़ा हुआ है,जिसका मतलब है कभी ना खत्म हो आपके जीवन में ऐसा क्या है जो ‘अक्षय’ (कभी खत्म न होने वाला) है?
मेरे लिए ‘अक्षय’ मेरी कला है. मेरा अनुभव है. मेरा वह सीखने का सफर है.जो कभी रुकता नहीं है. एक अभिनेता के तौर पर मैंने हमेशा यह महसूस करता हूं कि कला कोई स्थिर चीज़ नहीं है, यह हर दिन बदलती है. हर दिन विकसित होती है और आपको भी अपने साथ बदलने पर मजबूर करती है।जीवन भले ही समय के साथ आगे बढ़ता जाए. जिससे उम्र भी बढ़ती जाएगी। जिंदगी नश्वर है लेकिन जो चीज़ सच में अक्षय है, वह है आपका ज्ञान और आपकी समझ। जितना अधिक आप जीवन को देखते हैं, लोगों को समझते हैं, उतना ही आपकी कला में गहराई आती है। मेरे लिए अभिनय सिर्फ पेशा नहीं, बल्कि एक निरंतर सीखने की प्रक्रिया है और मैं हमेशा इसको और सीखने के लिए प्रयासरत रहता हूं.
अक्षय तृतीया पर गोल्ड खरीदने की परम्परा है, क्या आप गोल्ड में इन्वेस्टमेंट करते हैं ?
सच कहूं तो मैं सोना खरीदने वालों में से नहीं हूं। मुझे तो यह भी याद नहीं कि आखिरी बार मैंने खुद के लिए सोना कब खरीदा था, यह ज़िम्मेदारी अक्सर मेरी पत्नी ही संभालती हैं तो अक्षय तृतीया के दिन भी वही इस जिम्मेदारी को निभाएंगी.कुलमिलाकर गोल्ड की खरीदारी की जानकारी मेरी पत्नी को ही होगी.वही इस बारे में बता पाएंगी
आप किन चीजों में अक्षय निवेश या इन्वेस्टमेंट करना पसंद करते हैं ?
आनेवाले कल के लिए इन्वेस्टमेंट जरुरी है लेकिन इस बात को कहने के साथ मैं यह भी कहूंगा कि मैं व्यक्तिगत रूप से यह मानता हूँ कि सबसे बड़ा निवेश खुद में किया गया निवेश होता है। अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर पर भी मेरा ध्यान इसी बात पर रहता है कि मैं अपने आप को कैसे बेहतर बना सकता हूं। मेरे लिए यह निवेश कई रूपों में आता है, अपनी सेहत का ख्याल रखना, फिटनेस पर ध्यान देना, सही खान-पान अपनाना, और सबसे ज़रूरी, अपने दिमाग और समझ को लगातार विकसित करना। एक अभिनेता के तौर पर मैं हमेशा नई कहानियाँ पढ़ने, नए विचारों को समझने और अपने हुनर को निखारने की कोशिश करता हूं.मुझे लगता है कि सोना तो समय के साथ वही रहता है, लेकिन अगर आप खुद पर निवेश करते हैं, तो वह आपको हर दिन थोड़ा और समृद्ध बनाता है अंदर से भी और बाहर से भी. यही मेरे लिए असली ‘अक्षय निवेश’ है.
इन्वेस्टमेंट यानी निवेश के बाद अब बात पूंजी की,आप अपनी सबसे बड़ी पूंजी क्या मानते हैं ?
मैं मानता हूँ कि इंसान का अनुभव ही उसकी सबसे बड़ी पूंजी है. वह निजी जिंदगी के साथ साथ प्रोफेशनल लाइफ में भी आपकी मदद करता है. मैं अपने अनुभव से मेरे अभिनय को दिशा देता हूं और हर किरदार में कुछ नया जोड़ता रहता हूं इसलिए, भले ही जीवन सीमित हो, लेकिन कला और बुद्धिमत्ता हमेशा बढ़ती रहती है. यही मेरे लिए ‘अक्षय’ है. यही मेरे लिए सबसे बड़ी पूंजी भी है.
