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Avrodh Review: 'उरी सर्जिकल स्‍ट्राइक' के पीछे की कहानी दिखाती ये‍ वेब सीरीज!

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
amit sadh
amit sadh
photo: instagram

Avrodh Review

वेब सीरीज: अवरोध द सीज विदिन

निर्देशक: राज आचार्या

प्लेटफार्म: सोनी लिव

एपिसोड्स 9

कलाकार: अमित साध, नीरज काबी, मधुरिमा तुली, दर्शन कुमार,अनिल जॉर्ज और अन्य

प्रसारण तारीख-31 जुलाई

रेटिंग: ढाई

सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने एलओसी क्रॉस करके पाकिस्तान की सरजमीं पर उरी अटैक का बदला लेते हुए सर्जिकल स्ट्राइक की थी. इस घटना पर निर्देशक आदित्य दत्त ने विक्की कौशल के साथ सफल फ़िल्म उरी बनायी थी. अवरोध उसी घटना का वेब सीरीज रूपांतरण है.दो घंटे की फ़िल्म में अटैक और उसकी प्लानिंग पर फोकस था लेकिन साढ़े चार घंटे की वेब सीरीज में कश्मीर आतंकवाद, उरी हमले की प्लानिंग. सर्जिकल स्ट्राइक की प्लानिंग और फिर अटैक को दिखाया गया है.

सरकार में इस तरह के अटैक के निर्णय कैसे लिए जाते हैं. कितनी सारी एजेंसीज होती है. इन सब पर मुख्य फोकस किया है.इसके साथ ही मीडिया के कामकाज को भी हाईलाइट किया गया है.कैसे रायसेना हिल्स से मीडिया के कामकाज को नियंत्रित किया जाता है.यह भी जानकारी दी गयी है कि दो आतंकवादी ग्रुप के प्रमुखों के बीच कैसे ईगो क्लेश होता रहता है.

यह वेब सीरीज राहुल सिंह और शिव अरूर की किताब इंडियाज मोस्ट फीयरलेस के एक चैप्टर पर आधारित है.सीरीज कई अनछुए पहलुओं को सामने लाती है.वेब सीरीज की कमज़ोरी की बात करें तो वेब सीरीज देखते हुए उत्सुकता नहीं होती है कि अब क्या होगा. ड्रामा की कमी खलती है. डॉक्यूमेंट्री के ज़्यादा करीब जाती है। पीएमओ आफिस पर शुरुआत के 7 एपिसोड आधारित है. अटैक सिर्फ आखिर के दो एपिसोड में है.

कहानी में विक्रम गोखले प्रधानमंत्री की भूमिका में है हालांकि प्रधानमंत्री के नाम का जिक्र नहीं हुआ है लेकिन जमकर महिमा मंडन हुआ है. ये अलग प्रधानमंत्री है. इनकी राजनीतिक महत्वकांक्षा नहीं है. ये सब संवाद कभी कभी इस वेब सीरीज को प्रोपगेंडा में शामिल कर जाता है. इनसे बचा जा सकता था.

अभिनय की बात करें तो सीरीज की कास्टिंग बेहतरीन हुई है इसमें अभिनेता नीरज काबी,मधुरिमा तुली,विक्रम गोखले, अनिल जॉर्ज और अमित साध अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे हैं। सीरीज का लुक अच्छा है. संवाद की बात करें तो वॉर ड्रामा होने के बावजूद भारी भारी संवाद नहीं रखे गए हैं. हां अनिल जॉर्ज के संवाद में ज़रूरत से कश्मीरी भाषा का प्रयोग किया गया है.

posted by: Budhmani Minj

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