ढाई करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में अमीषा पटेल को रांची कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी वारंट पर रोक, जानें क्‍या है पूरा मामला

By Prabhat Khabar Digital Desk
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रांची : हाइकोर्ट के जस्टिस आनंद सेन की अदालत में सोमवार को फिल्म देसी मैजिक बनाने के नाम पर ढाई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी व चेक बाउंसिंग मामले में दायर क्वैशिंग याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद रांची की निचली अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी. साथ ही सूचक को जवाब दायर करने को कहा गया.
इससे पूर्व प्रार्थी की अोर से वरीय अधिवक्ता आरएस मजूमदार ने अदालत को बताया कि धोखाधड़ी की उनकी कोई मंशा नहीं है. उन्होंने निचली अदालत द्वारा जारी वारंट को निरस्त करने का आग्रह किया. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी अमीषा पटेल प्रोडक्शन की अोर से क्रिमिनल क्वैशिंग याचिका दायर की गयी है. प्रार्थी ने रांची के न्यायिक दंडाधिकारी कुमार विपुल की अदालत द्वारा जारी सम्मन व वारंट को चुनाैती दी है. उन्होंने वारंट को निरस्त करने की मांग की है.
निचली अदालत ने पिछले वर्ष 2019 में मामले की सुनवाई करते हुए संज्ञान लिया तथा अमीषा पटेल व अन्य के खिलाफ समन जारी किया था. अदालत ने अमीषा पटेल को अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था. अदालत ने चार बार उपस्थित होने का अवसर दिया, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुई. उसके बाद अदालत ने प्रतिवादी अमीषा पटेल व उनके अधिकारी कमल गुमर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था.
क्या है मामला
वर्ष 2017 में डिजिटल इंडिया के तहत हरमू हाउसिंग कॉलोनी में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. उस दाैरान मुख्य अतिथि अमीषा पटेल के साथ मंच पर अतिथि हरमू निवासी अजय सिंह भी बैठे हुए थे.
उनकी अमीषा पटेल से बातचीत हुई तथा फिल्म में पैसा लगाने का उन्हें ऑफर मिला. श्री सिंह ने ढाई करोड़ रुपये अमीषा पटेल के खाते में स्थानांतरित किया था. एकरारनामा के अनुसार, फिल्म देसी मैजिक जून 2018 में रिलीज नहीं हुई, तो अजय सिंह ने अमीषा पटेल से अपने पैसे की मांग की. टालमटोल के बाद अक्तूबर 2018 में ढाई करोड़ व 50 लाख रुपये का दो चेक अजय सिंह को दिया गया, जो क्लियरिंग के दाैरान बाउंस कर गया. इसके बाद श्री सिंह ने नवंबर 2018 को शिकायतवाद दर्ज करायी थी.
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