करन जौहर बने पहले भारतीय फिल्म निर्माता जिनका लंदन के मैडम तुसाद में होगा वैक्‍स स्टैच्‍यू

मुंबई : चर्चित मैडम तुसाद संग्रहालय में करन जौहर की मोम की मूर्ति लगने वाली है और ऐसी मूर्ति वाला पहला भारतीय निर्देशक बनने पर वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं. जौहर (45) ने ट्विटर पर इसकी घोषणा की और उन्होंने एक हाथ में ‘ मैडम तुसाद ‘ संग्रहालय का सूटकेस और एक हाथ में […]

मुंबई : चर्चित मैडम तुसाद संग्रहालय में करन जौहर की मोम की मूर्ति लगने वाली है और ऐसी मूर्ति वाला पहला भारतीय निर्देशक बनने पर वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं. जौहर (45) ने ट्विटर पर इसकी घोषणा की और उन्होंने एक हाथ में ‘ मैडम तुसाद ‘ संग्रहालय का सूटकेस और एक हाथ में मोम पर उनकी हथेली की छाप वाली अपनी तस्वीर भी साझा की.

इसके साथ उन्होंने आत्मकथा ‘ एन अनसूटेबल बॉय ‘ की एक प्रति लगाई. जौहर ने ट्विटर पर लिखा कि वह प्रतिष्ठित मैडम तुसाद संग्रहालय में मूर्ति वाला पहला ( भारतीय ) फिल्मनिर्माता बनने पर सम्मानित महसूस कर रहे हैं.

हालांकि उन्होंने इस बात की घोषणा नहीं की कि उनकी मोम की प्रतिमा का अनावरण कब किया जायेगा. करन जौहर ने 20 साल पहले शाहरुख़ खान और काजोल स्टारर हिट फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ से बतौर डायरेक्शनल डेब्यू किया था. इसके बाद उन्होंने ‘कभी खुशी कभी गम’, ‘कल हो ना हो’, ‘माय नेम इज़ खान’ और स्टूडेंट ऑफ द ईयर जैसी सुपरहिट फिल्में बनाई.

करन जौहर ने बतौर प्रोड्यूसर ‘अग्निपथ’, ‘ये जवानी है दीवानी’और ‘बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ फिल्मों को प्रोड्यूस किया. करण ने एक्टिंग में हाथ आजमाया है. उन्‍होंने 1995 में आई फिल्म ‘दिल वाले दुल्हनिया ले जायेंगे’ में शाहरुख़ खान के दोस्त की भूमिका निभाई थी. करन जौहर की एक बात और खास है कि वे बॉलीवुड के स्‍टार्स के बच्चों को अपनी फिल्म से बॉलीवुड डेब्यू करवाते हैं.

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