Asha Bhosle Final Moments: सबको अपनी सुरीली आवाज से खुश करने वाली आशा भोंसले जी अब हमारे बीच नहीं रहीं. वह 92 साल की थीं और उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली. उनके पोते चिंटू भोंसले ने अब बताया है कि उनके आखिरी पल कैसे थे. चिंटू ने कहा कि दादी हमेशा अपनी मर्जी की मालिक थीं, वह जैसे अपनी मर्जी से जीती थीं, वैसे ही बहुत शांति से इस दुनिया से चली गईं. उन्हें कोई दर्द नहीं हुआ और वह नींद में ही दुनिया को अलविदा कह गईं.
मरने से एक दिन पहले नाटक देखने गई थीं
आशा जी को काम से बहुत प्यार था. SCREEN के साथ एक इंटरव्यू में उनके पोते ने बताया कि दुनिया छोड़ने से ठीक एक दिन पहले भी वह एक मराठी नाटक देखने गई थीं. वह वहां स्टेज पर भी चढ़ीं और लोगों से कहा कि अपनी कला को कभी मरने मत देना. वह आखिरी समय तक बहुत हिम्मत वाली थीं. जब उन्हें अस्पताल ले जाने की बात हुई, तो उन्होंने बस इतना कहा, “मुझे थोड़ी देर और सोने दो.” और सोते-सोते ही वह भगवान के पास चली गईं.
आम खाते हुए की थी आखिरी बात
चिंटू ने याद किया कि मौत से ठीक तीन-चार दिन पहले उनकी दादी से आखिरी बार लंबी बात हुई थी. उस समय दोनों साथ बैठकर मजे से आम खा रहे थे और दुनिया में चल रही बातों पर चर्चा कर रहे थे. चिंटू ने बताया कि आशा दादी ने अपनी जिंदगी में बहुत बड़े दुख देखे थे, उन्होंने अपने दो बच्चों को खो दिया था, लेकिन वह कभी हार नहीं मानती थीं. वह हमेशा सिखाती थीं, “बुरी चीजें होती रहती हैं, लेकिन वक्त के साथ सब ठीक हो जाता है, बस हिम्मत मत हारो.”
घरवाले कर रहे हैं उन्हें याद
उनकी पोती ज़ानाई अपनी दादी के बहुत करीब थीं, इसलिए वह बहुत दुखी हैं. लेकिन पूरा परिवार अब दुखी होने के बजाय दादी की अच्छी बातों को याद कर रहा है. वे सब साथ बैठकर डिनर करते हैं और दादी के किस्से सुनाकर हंसते हैं. सब यही सोच रहे हैं कि जब दादी इतनी हिम्मत वाली थीं, तो हमें भी उदास नहीं होना चाहिए.
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