Anupama: एपिसोड की शुरुआत प्रेम और अनुपमा की बहस से होती है. प्रेम, अनुपमा पर जलन महसूस करने का आरोप लगाता है. यह सुनकर अनु पूरी तरह टूट जाती है और कहती है कि कोई मां अपने बच्चे से कैसे जल सकती है. प्रेम कहता है कि अनुपमा सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करती हैं और इस बार वह उन्हें हराकर रहेगा. इस दौरान घर के बाकी सदस्य भी बहस में कूद पड़ते हैं. ख्याति अनुपमा का समर्थन करती है और कहती है कि हर परेशानी का दोष हमेशा अनुपमा पर डाल दिया जाता है. वहीं मीता और राही लगातार अनुपमा पर तंज कसते रहते हैं.
राही ने पार की हद
स्थिति तब और बिगड़ जाती है जब राही, अनुपमा और दिग्विजय के रिश्ते पर सवाल उठाती है. वह यहां तक कह देती है कि अनुपमा ने अनुज की जगह दिग्विजय को दे दी है. यह बात सुनकर अनुपमा अपना आपा खो बैठती है और राही को थप्पड़ मार देती है. अनुपमा, राही को समझाते हुए कहती है कि मां-बेटी का रिश्ता भरोसे पर टिका होता है और उसने हमेशा अपने परिवार के लिए सबकुछ किया है. वह यह भी बताती है कि दिग्विजय सिर्फ उसका दोस्त है, क्योंकि दोनों ने जिंदगी में एक जैसा दर्द झेला है.
परिवार में बढ़ी दूरियां
राही थप्पड़ के बाद साफ कह देती है कि वह इस बात को कभी नहीं भूलेगी. वहीं प्रेम फैसला करता है कि वह राही को वापस लेकर जाएगा. दूसरी तरफ लीला और परिवार के कुछ सदस्य समाज का हवाला देकर अनुपमा और दिग्विजय के रिश्ते पर सवाल उठाते हैं. अनुपमा कहती है कि वह समाज से डरकर अपनी जिंदगी नहीं जिएगी और अपने फैसले खुद करेगी. एपिसोड के आखिर में अनु भावुक होकर अनुज और सावी के सपनों को पूरा करने की कसम खाती है. वह तय करती है कि अब वह दूसरों की सोच से नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर जिंदगी जिएगी.
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