Adbhut Review: खतरनाक क्लाइमेक्स जो उड़ा देगा होश, 5 बड़े कारण क्यों देखनी चाहिए ये फिल्म

अद्भुत फिल्म नवाजुद्दीन की धमाकेदार वापसी है जिसमें हॉरर, सस्पेंस और थ्रिलर का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता है. फिल्म का क्लाइमेक्स एकदम चौंकाने वाला है.

Adbhut Review: बॉलीवुड के एक समय में नवाजुद्दीन सिद्दीकी को कंटेंट का किंग माना जाता था. लेकिन कुछ समय बाद उनकी फिल्मों की क्वालिटी में गिरावट आने लगी. अब नवाजुद्दीन की नई फिल्म “अद्भुत” के साथ वह वापस लौटे हैं और इस बार उन्होंने टीवी पर हॉरर-सस्पेंस और थ्रिलर का नया तड़का लगाया है. इस फिल्म का क्लाइमेक्स इतना चौंकाने वाला है कि आप सोच भी नहीं सकते.

नवाजुद्दीन की धमाकेदार वापसी

नवाजुद्दीन की फिल्में पहले दर्शकों को खूब पसंद आती थीं, लेकिन बीच में उनकी फिल्में दर्शकों को उतना इम्प्रेस नहीं कर पाईं. अब “अद्भुत” के साथ उन्होंने एक बार फिर से दर्शकों का ध्यान खींचा है. इस फिल्म में हॉरर, सस्पेंस और थ्रिलर का जबरदस्त मिश्रण है जो आपको स्क्रीन से बांध कर रखेगा.

कहानी की अनोखी दुनिया

अद्भुत की कहानी आपको एक ऐसे कपल से मिलवाती है, जो नए घर में शिफ्ट होते हैं. लेकिन जल्द ही उन्हें महसूस होता है कि घर में कोई और भी है जो उन पर नजर रख रहा है. जैसे ही ये कपल मदद के लिए एक डिटेक्टिव को बुलाता है, कहानी और भी रहस्यमयी हो जाती है. फिल्म में ऐसा सस्पेंस भरा है कि आप अंदाजा भी नहीं लगा पाएंगे कि अगले पल क्या होगा.

Adbhut review

डिटेक्टिव का ट्विस्ट

इस फिल्म में डिटेक्टिव का रोल भी काफी खास है. आमतौर पर डरावनी फिल्मों में डिटेक्टिव का इस्तेमाल नहीं किया जाता, लेकिन “अद्भुत” में यह किरदार फिल्म को खास बनाता है. डिटेक्टिव के पास सिक्स सेंस की पावर है जिससे वह पास्ट, प्रेजेंट और फ्यूचर तीनों देख सकता है, और यह चीज इस फिल्म को राज और 1920 जैसी फिल्मों से अलग बनाती है.

क्लाइमेक्स जो आपको हिला देगा

फिल्म का सबसे खास हिस्सा है इसका क्लाइमेक्स. यह इतना अनप्रेडिक्टेबल और खतरनाक है कि दर्शक एकदम हैरान रह जाते हैं. जैसे ही रात में अचानक कुछ अजीब होता है, आपको समझ आता है कि यह कहानी कितनी गहरी और डरावनी हो सकती है. फिल्म का क्लाइमेक्स इतना चौंकाने वाला है कि आप इसके बारे में सपने में भी नहीं सोच सकते.

म्यूजिक की कमी

हालांकि फिल्म में हॉरर और सस्पेंस जबरदस्त है, लेकिन म्यूजिक का थोड़ा सा अभाव महसूस होता है. फिल्म में गाने नहीं हैं जो हॉरर फिल्मों में एक इंपोर्टेंट भूमिका निभाते हैं, जैसे कि “राज” या “1920” में थे. लेकिन फिर भी, नवाजुद्दीन के डायलॉग्स ने म्यूजिक की कमी को काफी हद तक पूरा किया है.

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By Sahil Sharma

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