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UP Chunav 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी मायावती, सतीश चंद्र मिश्रा भी मैदान से बाहर

बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने मंगलवार को ऐलान किया कि बहनजी मायावती चुनाव नहीं लड़ेंगी. सतीश चंद्र मिश्रा ने भी खुद विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावनाओं से इंकार किया है.

By Prabhat Khabar Digital Desk, Lucknow
Updated Date
बसपा सुप्रीमो मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती
फाइल फोटो (पीटीआई)

UP Chunav 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में बसपा सुप्रीमो मायावती के मैदान में उतरने पर संशय खत्म हो गया है. पार्टी ने निर्णय लिया है कि मायावती विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी. बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने मंगलवार को ऐलान किया कि बहनजी मायावती चुनाव नहीं लड़ेंगी. इसके अलावा सतीश चंद्र मिश्रा ने भी खुद विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावनाओं से इंकार किया है.

मायावती 15 जनवरी को अपना 66वां जन्मदिन मनाने जा रही हैं. इसके पहले पार्टी ने साफ कर दिया है कि मायावती विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी. हालांकि, बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी चुनाव में पूरे दमखम के साथ मैदान में उतरेगी. मायावती ने बीजेपी, सपा और कांग्रेस पार्टी पर जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरने का आरोप भी लगाया है. उनका दावा है कि बसपा सरकार बनाने जा रही.

मैं राज्यसभा का सदस्य हूं, कई प्रदेशों में चुनाव हो रहे हैं और बहन मायावती जी को चुनाव लड़वाना है. हम लोग चुनाव नहीं लड़ रहे हैं.
सतीश चंद्र मिश्रा, महासचिव, बसपा

सूत्रों का कहना है कि बसपा ने अधिकांश सीटों पर उम्मीदवारों के नाम कमोबेश तय कर लिए हैं. इनके नामों का ऐलान 14 जनवरी से की जा सकती है. पहले खबरें आ रही थी कि मायावती भी उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ेंगी. अब बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने तमाम कयासों पर ब्रेक लगा दिया है. सतीश चंद्र मिश्रा ने खुद के और बसपा सुप्रीमो मायावती के चुनाव लड़ने की संभावना से इंकार किया है.

बताते चलें कि मायावती और बसपा के लिए साल 2007 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सबसे बड़ी सौगात लेकर आया था. 2007 के विधानसभा चुनाव में मायावती की पार्टी ने 403 सीटों पर चुनाव लड़े और 206 सीटें जीती थी. इस जीत के बाद मायावती ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी.

मुख्यमंत्री रहते हुए मायावती के कई कामों पर विपक्षी नेताओं ने हल्ला किया. मायावती आरोपों के बावजूद सरकार चलाती रहीं. समय गुजरता गया और मायावती की पार्टी कमजोर होती चली गई. 2012 के चुनाव में बसपा को 80 सीटों पर जीत हासिल हुई. 2017 के चुनाव में बसपा 403 में से केवल 19 सीटें जीतने में सफल हुई. इस बार चुनाव में मायावती करामात की फिराक में हैं. लेकिन, नतीजे अभी बाकी हैं.

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