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UP Chunav 2022: नेता विधानमंडल दल शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने दिया इस्तीफा, बसपा सुप्रीमो मायावती को लगा झटका

बसपा सुप्रीमो मायावती के खास लोग यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव 2022 से पहले ही पार्टी का दामन छोड़ने में लगे हैं. इससे बसपा की दिक्कतें गहराती नज़र आ रही हैं...

By Prabhat Khabar Digital Desk, Lucknow
Updated Date
पूर्व बसपा नेता शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली.
पूर्व बसपा नेता शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली.
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Lucknow Political News : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के लिए दिक्कतों का अंबार बढ़ता ही जा रहा है. गुरुवार को पार्टी के विधानमंडल दल के नेता के पद सहित विधायक पद से भी शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने इस्तीफा दे दिया है. उन्हें हाल ही में बसपा सुप्रीमो मायावती ने विधानमंडल दल का नेता नियुक्त किया था.

उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले बसपा सुप्रीमो मायावती को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं. आजमगढ़ की सगड़ी विधानसभा सीट से बसपा विधायक वंदना सिंह के बाद अब पार्टी के विधायक शाह आलम उर्फ ​​गुड्डू जमाली ने बसपा सुप्रीमो को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. साथ ही, उन्होंने कहा कि 21 नवंबर को आपसे मुलाकात में मुझे लगा कि पार्टी के प्रति मेरी निष्ठा और ईमानदारी के बावजूद आप संतुष्ट नहीं हैं. अगर मेरे नेता मुझसे या मेरे काम से संतुष्ट नहीं हैं तो मैं पार्टी पर बोझ नहीं बनना चाहता.

एक नज़़र बैकग्राउंड पर... 

पार्टी के मुस्लिम चेहरे के तौर पर पहचाने जाने वाले बसपा विधायक दल के नेता शाह आलम उर्फ ​​गुड्डू जमाली आजमगढ़ के मुबारकपुर से दो बार विधायक रह चुके हैं. 2012 और 2017 में विधानसभा चुनाव जीते थे. इसके साथ ही पार्टी ने 2014 में आजमगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ते हुए दो लाख 70 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए थे. साल 2012 और 2017 में लगातार मुबारकपुर से विधायक चुने गए शाह आलम उन नेताओं में से थे जिन पर पार्टी सुप्रीमो का भरोसा था. ऐसे में उनका यह कदम बसपा को काफी कमजोर कर सकता है.

बसपा प्रमुख मायावती को मार्मिक पत्र लिखकर बयां किया दर्द.
बसपा प्रमुख मायावती को मार्मिक पत्र लिखकर बयां किया दर्द.
Prabhat Khabar

विधायक शाह आलम ने पार्टी छोड़ने का ऐलान करने के साथ ही एक मार्मिक पत्र भी पार्टी आलाकमान को लिख भेजा है. उन्होंने बसपा प्रमुख मायावती को लिखा है, 'बहन जी, मैं आपकी दी हुई हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाने का प्रयास किया है. मगर मैंने महसूस किया है कि आप मेरी पार्टी के पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से संतुष्ट नहीं हैं. अब मैं यही उचित समझता हूं कि अगर मेरी नेता मुझसे या मेरे कार्यों से संतुष्ट नहीं हैं, ऐसेे में मैं आप पर या पार्टी पर महज एक बोझ बना हुआ हूं.' वे आगे लिखते हैं, 'ऐसी सूरत में मैं आप पर या पार्टी पर बोझ बनकर नहीं रहना चाहता हूं. इसलिए मैं पार्टी के विधानमंडल दल के नेता एवं चूंकि मैं बसपा के टिकट पर ही चुनकर आया हुआ हूं. इसलिए विधायक पद से भी त्यागपत्र दे रहा हूं.'

बसपा ने किया इस्तीफे का खुलासा

इसके बाद बसपा की ओर से मायावती का एक बयान जारी किया गया. इसमें कहा गया कि अवगत कराना है कि पार्टी को मीडिया से यह ज्ञात हुआ है कि बीएसपी एमएलए व विधानमंडल दल के नेता शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. इसका खास कारण कुछ और नहीं बल्कि यह है कि इनकी कंपनी में एक लड़की काम करती थी जिसने इनके चरित्र पर गंभीर आरोप लगाते थे. इनके विरूद्ध पुलिस में शिकायत भी दर्ज करा दी थी, जिसकी विवेचना अभी चल रही है. ऐसा इन्होंने मुझे खुद ही बताया था.

बयान में बसपा प्रमुख की ओर से बताया गया है कि इस घटना के बाद वह मुझ पर यूपी के मुख्यमंत्री से कहकर इस मामले को रफा-दफा कराने के लिए काफी दबाव बना रहे थे. इसके लिए अभी हाल ही में मुझसे फिर से यह मिले भी थे. बकौल प्रेस रिलीज, इस पर मायावती ने कहा था कि यह लड़की का प्रकरण है. बेहतर तो यही होगा कि यदि विवेचना में आपको न्याय नहीं मिलता है तो आप फिर कोर्ट में जाएं लेकिन ऐसा न करके यह मुझ पर ही इस केस को खत्म कराने का दबाव बना रहे थे. मेरी ओर से गलत काम न किए जाने पर ही वे नाराज़ होकर इस कदम उठाने को बाध्य हुए हैं.

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