Success Story: पति ने छोड़ दिया, आर्थिक तंगी ने कई बार रास्ता रोकने की कोशिश की, लेकिन एनी शिवा ने हार मानना नहीं सीखा. बेटे को गोद में लेकर संघर्षों से लड़ती रहीं और आखिरकार मेहनत के दम पर पुलिस सब-इंस्पेक्टर बन गईं. केरल की एनी शिवा की कहानी हर उस महिला के लिए प्रेरणा है, जो मुश्किल हालातों में भी अपने सपनों को जिंदा रखती है.
18 साल की उम्र में की शादी
एनी शिवा केरल की रहने वाली हैं. कॉलेज के दिनों में उन्होंने परिवार के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह कर लिया. शादी के कुछ समय बाद वे केवल 18 साल में मां बनीं. लेकिन धीरे-धीरे उनका रिश्ता खराब होने लगा. आखिरकार पति ने उन्हें शादी के कुछ सालों बाद ही छोड़ दिया. ऐसे समय में परिवार ने भी उन्हें सहारा नहीं दिया.
मंदिर में गुजारी रातें
एनी शिवा बेटे को लेकर अकेली निकल पड़ी, न मंजिल का पता था और न ही सफर का. शुरुआत में कई रातें उन्होंने मंदिर में गुजारी. बेटे को भूख से तड़पते देखना उनके लिए काफी कठिन था. धीरे-धीरे एनी शिवा ने छोटे-छोटे काम शुरू किए.
बेटे की जिम्मेदारी उठाने के लिए किया छोटे-मोटे काम
एनी ने बेटे के लिए खुद को मजबूत किया. वे घर-घर जाकर साबुन और डिटर्जेंट बेचा करती थीं. कई सारे ऑनलाइन काम किए, नींबू पानी का ठेला लगाया, आइसक्रीम बेचे. इस दौरान एनी को केरल पुलिस भर्ती परीक्षा के बारे में पता चला. उन्होंने इस भर्ती के लिए अप्लाई किया.
2016 में हुई पुलिस सेवा में एंट्री
पूरी मेहनत से तैयारी करने के बाद साल 2016 में एनी शिवा ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा निकाली. बाद में उन्होंने बाद में उन्होंने सब-इंस्पेक्टर परीक्षा पास की और 2021 में वर्कला (Varkala) पुलिस स्टेशन में SI के पद पर तैनात हुईं.
आज लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा
एनी शिवा की कहानी यह दिखाती है कि कठिन परिस्थितियां इंसान को रोक नहीं सकतीं. नींबू पानी बेचने से लेकर पुलिस अफसर बनने तक का एक मां होने के नाते उन्होंने अपने बच्चे के भविष्य के लिए हर काम किया. ये दिखाता है कि मां की ममता और मजबूती के आगे हालात को हारना पड़ता है.
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