NEET UG 2026: 3 मई को देशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्र पर नीट यूजी परीक्षा आयोजित की गई. इस परीक्षा के दौरान झारखंड के पलामू जिले से बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. खबरों की मानें तो कुछ एग्जाम सेंटर पर गलत प्रश्नपत्र बांटे गए, जिस वजह से अभ्यर्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि झारखंड के पलामू जिले में 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा के दौरान योध सिंह नामधारी महिला कॉलेज (मेदिनीनगर) केंद्र पर हिंदी माध्यम के छात्रों को इंग्लिश का क्वेश्चन पेपर बांटा गया. कमरा नंबर 11 में 48 परीक्षार्थियों को मूल प्रश्न पत्र के बजाय फोटो कॉपी (जेरॉक्स) किये हुए पेपर बांटे गए.
छात्र और माता-पिता हुए नाराज
जैसी ही स्टूडेंट्स को इस गड़बड़ी का पता चला, छात्रों और उनके माता-पिता ने एग्जाम सेंटर पर नाराजगी जताई. कुछ अभिभावकों ने इसकी शिकायत केंद्र प्रशासन से की. इसके बाद कुछ समय तक परीक्षा केंद्र पर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही. छात्रों और अभिभावकों ने इस लापरवाही को लेकर नाराजगी भी जताई.
नीट यूजी परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक का था. लेकिन पेपर बांटने में हुइ गलती के कारण परीक्षा देर रात 9.55 बजे तक चला. रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के अनुसार, कई परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया कि उन्हें दी गई जेरॉक्स कॉपी में कई जगह अक्षर धुंधले थे. प्रिंटिंग साफ नहीं थी. एक छात्र ने बताया कि हमें उम्मीद थी कि सीलबंद लिफाफे से मूल पेपर मिलेगा. लेकिन हाथ में फोटोकॉपी थमा दी गई.
परीक्षा के बाद दिया गया जेरोक्स प्रश्न पत्र वापस लिया गया
जिन छात्रों को फोटो कॉपी कराकर प्रश्नपत्र दिया गया था. उनका प्रश्नपत्र परीक्षा खत्म होने के बाद वापस ले लिया गया. जबकि अन्य परीक्षार्थी जो परीक्षा दे रहे थे. उन्हें प्रश्न पत्र दे दिया गया. सामान्यतः परीक्षा होती है, तो प्रश्नपत्र परीक्षार्थी को दे दिया जाता है. जानकारी के अनुसार इन 48 परीक्षार्थियों को पोस्टऑफिस के माध्यम से NTA के द्वारा क्वेश्चन पेपर उनके घर भेजा जाएगा.
नीट परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर उठ रहे सवाल
छात्रों का कहना है कि इस तरह की गलती से उनकी तैयारी और प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है, क्योंकि NEET जैसी परीक्षा में हर मिनट और हर सवाल बेहद महत्वपूर्ण होता है. यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब देशभर में NEET परीक्षा को लेकर पहले से ही कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाती है.
नोट: पलामू से शिवेंद्र कुमार की रिपोर्ट के आधार पर
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