बिहार के लाल का कमाल! पिता गरीब किसान अब बेटा बनेगा प्रोफेसर

UGC NET Success Story: बिहार के पूर्णिया के रहने वाले पंकज कुमार ने यूजीसी नेट परीक्षा में सफलता हासिल कर ली. उन्होंने बहुत कम उम्र से अपनी जिम्मेदारी समझ ली और नौकरी करने के साथ-साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी. पंकज एक गरीब किसान परिवार से आते हैं.

UGC NET Success Story: भले ही जिंदगी में कितनी भी असफलता हो, लेकिन अगर आप निरंतर प्रयास करते रहेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी. कुछ ही कहानी है बिहार के पंकज कुमार शाह की, जिन्होंने अपने सपने को पाने के लिए खूब संघर्ष किया और आखिरकार सफलता हासिल कर ली. 

UGC NET Success Story: किसान पिता का बेटा

पंकज कुमार मूल रूप से बिहार के पूर्णिया जिले (Purnia News) के रहने वाले हैं. वे पूर्णिया के धमदाहा गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता योगेंद्र प्रसाद साह पेशे से मामूली किसान हैं. उन्होंने बचपन से ही किसानी-खेती में पिता का साथ दिया. वहीं बड़े होकर नौकरी भी की और नौकरी के साथ यूजीसी नेट परीक्षा क्रैक कर ली. पंकज कुमार अब प्रोफेसर बनेंगे. वे प्रोफेसर बनने वाले अपने घर के पहले सदस्य होंगे. 

UGC NET Success Story: रिजल्ट से काफी खुश हैं पंकज

पंकज ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें तो विश्वास भी नहीं था. उनके पास होने की जानकारी किसी जानकार ने दी. उस पल उन्हें बेहद खुशी हुई. उन्हें गर्व है कि वे एक कमजोर आर्थिक और सामाजिक परिवेश से आने के बाद भी ये परीक्षा पास कर पाए. 

UGC NET Success Story: चौथी बार में पास की परीक्षा

पंकज ने पहली परीक्षा जून 2020 में दी थी. वहीं दूसरी परीक्षा 2023 में दी, तीसरी जून 2024 में और अब चौथी बार जून 2025 में उन्होंने UGC NET परीक्षा में सफलता हासिल की. पंकज ने यूजीसी नेट परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की. वे चाहते थे साधारण नौकरी करके भी रुक सकते थे. लेकिन उन्हें ऊंची उड़ान भरनी थी. 

UGC NET Success Story: नौकरी के साथ की परीक्षा की तैयारी 

पंकज के लिए ये इतना आसान नहीं था. नौकरी उनकी जरूरत थी, लेकिन पढ़ना उनका जुनून. परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए नौकरी करना उनके लिए बहुत जरूरी था. लेकिन वे इसके साथ ही पढ़ाई में जुटे रहे. नौकरी के लिए जब वो रोजाना 30 किलोमीटर का सफर तय करके जाते थे तो उस दौरान पढ़ाई करते थे. फिर रात में घर आकर भी पढ़ाई करते थे. 

UGC NET Success Story: युवाओं के लिए उदाहरण

पंकज कुमार की सभी बातों से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए. उन्होंने मुश्किल हालातों में भी न अपने परिवार को छोड़ा और न ही पढ़ाई छोड़ी. वे नौकरी और पढ़ाई के साथ-साथ अपने पिता की खेती में मदद करते थे. वहीं अब उनकी इस उपलब्धि से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरा गांव खुश है. 

यह भी पढ़ें- 5 Star Hotel की Coffee से भी कम पैसे में बनें Doctor, इस कॉलेज की फीस जानकर उड़ जाएंगे होश

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >