Success Story: खेत में पिता के साथ करते थे काम, परिवार का खर्च उठाने के लिए पढ़ाई ट्यूशन, एक दिन किस्मत चमकी और बन गए अफसर

Success Story: सुरेश कुमार जोकि हरियाणा के एक छोटे से गांव से आत हैं. उन्होंने कम संसाधन और आर्थिक तंगी के बाद भी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर ली. उन्होंने ट्यूशन के साथ परीक्षा की तैयारी की. आइए, जानते हैं उनकी सक्सेस स्टोरी-

Success Story: हरियाणा के एक छोटे गांव से आते हैं आईएएस सुरेश कुमार. उनका जन्म वर्ष 1966 में हुआ था. उनके पिता किसान थे और मां गृहिणी. शुरुआती जीवन बहुत कठिन था. परिवार सादगी भरा जीवन जीने वाला था. घर की आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, सिविल सेवा का सपना देखा. वे खेतों में काम करते थे और रात में पढ़ाई करते थे. आईएएस सुरेश कुमार लाखों युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं जो आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं और कुछ करना चाहते हैं. 

IAS Success Story: पिता ने नाजुक कंधों पर डाली परिवार की जिम्मेदारी 

पिता चाहते थे कि सुरेश बड़े होकर परिवार की जिम्मेदारी संभालें और उनका हाथ खेती में बंटाए. उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि बेटा सिविल सेवा में जाएगा. हालांकि, सुरेश कुमार की मां हमेशा से बच्चों के लिए बड़े-बड़े सपने देखती थीं. उनके मन में ये इच्छा थी और उन्हें लगता था कि बेटा जरूर कुछ बड़ा करेगा. 

IAS Success Story: गांव के स्कूल से हुई पढ़ाई, खेतों में किया काम 

सुरेश का बचपन अपने गांव में बीत. पढ़ाई भी यहीं के स्कूल से हुई. स्कूल की हालत ऐसी थी कि न किताब थे और न ढ़ंग के शिक्षक. धीरे धीरे सुरेश बडे़ होते गए और बड़ा होता गया उनका आईएएस बनने का सपना. वे पिता के साथ खेतों में काम करते थे और रात को जब थक हारकर घर आते तो पढ़ाई करते थे क्योंकि उनकी मां हमेशा कहा करती थीं कि पढ़ाई ही वो सीढ़ी है जो किस्मत बदल सकती है. 

IAS Success Story: ट्यूशन पढ़ाकर किया गुजारा

12वीं की पढ़ाई के बाद LLB की डिग्री हासिल की. लेकिन इससे बात नहीं बनी और सुरेश ने परिवार की जिम्मेदारी संभालने के लिए बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया. लेकिन वो बार बार सोचते कि क्या जिंदगी बस इतनी ही? इसके बाद उन्होंने रात के वक्त पढ़ाई करना शुरू किया और 2010 में कड़ी मेहनत से मध्य प्रदेश राज्य सेवा परीक्षा पास कर लिया. 

IAS Success Story: सुरेश कुमार का प्रशासनिक सफर 

उसके बाद मैदानी पोस्टिंग में विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे, जहां उन्होंने ग्रामीण जीवन, प्रशासनिक चुनौतियां और जन समस्याएं नजदीक से देखीं. उनकी ईमानदारी, निष्ठा और जनप्रतिबद्धता ने उन्हें IAS बनने तक की प्रेरणा दी. आज वे मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पन्ना जिले के कलेक्टर के रूप में प्रशासनिक सेवाओं में योगदान दे रहे हैं. 

IAS Success Story: लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा

सुरेश कुमार ने जीवन की शुरुआत कठिन ग्रामीण परिवेश से की, जहां अभाव और जिम्मेदारियों ने उन्हें दृढ़ता और संघर्ष के लिए प्रेरित किया. अपनी मां की प्रेरणा व अथक परिश्रम के साथ उन्होंने पढ़ाई जारी रखी, ट्यूशन और मेहनत के बल पर सफल IAS अधिकारी बने.

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