JEE Advanced 2026: जेईई मेन सेशन 2 का रिजल्ट कल यानी 20 अप्रैल को जारी कर दिया गया है. अब स्टूडेंट JEE Advanced एग्जाम की तैयारी करेंगे. JEE Advanced 2026 परीक्षा उन छात्रों के लिए सबसे बड़ा सपना होता है, जो देश के टॉप IITs (Indian Institutes of Technology) में कदम रखना चाहते हैं.
अगर आपका सपना आईआईटी में पढ़ने का है, तो जेईई एडवांस्ड आपके लिए सबसे जरूरी एग्जाम है. लेकिन सिर्फ एग्जाम देना ही काफी नहीं होता है. इसके लिए कुछ एलिजिबिलिटी और एडमिशन के नियम भी होते हैं. आइए जानते हैं.
JEE Advanced क्या है?
जेईई एडवांस्ड, IITs में एडमिशन के लिए लिया जाने वाला नेशनल लेवल एग्जाम है. इस परीक्षा में वहीं स्टूडेंट बैठ सकते हैं, जो JEE Main में अच्छा स्कोर किए हैं. हर साल सीमित संख्या में ही स्टूडेंट्स को यह एग्जाम देने का मौका मिलता है.
क्या है योग्यता (Eligibility Criteria)
- JEE Main क्वालिफाई करना जरूरी: सबसे पहला नियम है कि आपको JEE Main 2026 में टॉप रैंक लानी होगी. आमतौर पर टॉप 2.5 लाख कैंडिडेट्स ही JEE Advanced देने के लिए चुने जाते हैं.
- आयु सीमा: जनरल और OBC कैटेगरी के लिए एक तय उम्र सीमा होती है, जबकि SC/ST और PwD कैंडिडेट्स को कुछ साल की छूट मिलती है.
- अटेम्प्ट लिमिट: आप JEE Advanced सिर्फ 2 बार ही दे सकते हैं, वो भी लगातार दो सालों में.
- 12वीं में जरूरी मार्क्स: आपको 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स के साथ पास होना जरूरी है. साथ ही, कुछ मामलों में टॉप 20 पर्सेंटाइल या कम से कम 75% मार्क्स (SC/ST के लिए 65%) होना चाहिए.
JEE Advanced 2026 Admission Criteria: IIT एडमिशन क्राइटेरिया क्या है?
1. ऑल इंडिया रैंक (AIR): JEE Advanced का रिजल्ट आने के बाद आपको All India Rank मिलती है. यही रैंक तय करती है कि आपको कौन सा IIT और कौन सी ब्रांच मिलेगी.
2. JoSAA काउंसलिंग: एडमिशन के लिए आपको JoSAA काउंसलिंग में भाग लेना होता है. यहां आप अपनी पसंद के IITs और ब्रांच चुनते हैं.
3. सीट अलॉटमेंट: आपकी रैंक, कैटेगरी और चॉइस के आधार पर सीट अलॉट होती है. अगर आपको पसंद का कॉलेज मिल जाता है, तो आप उसे फ्रीज कर सकते हैं.
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