IIT Madras Exit Option: अब डिग्री के लिए नहीं करना होगा 5 सालों तक वेट, देखें IIT का नया नियम

IIT Madras Exit Option With BSc Degree: आईआईटी मद्रास नया नियम लाने जा रहा है. अब IIT ड्रॉप करने वाले स्टूडेंट्स को भी 3 साल बाद डिग्री मिलेगी. हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तों को पूरा करना होगा. अगर आप भी IIT ड्रॉप करने की सोच रहे हैं तो आपके लिए ये काम की खबर है.

IIT Madras Exit Option With BSc Degree: इंजीनियरिंग कोर्सेज में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी (Good News For BTech Student) है. अब IIT से ड्रॉप करने वाले स्टूडेंट्स को भी डिग्री मिलेगी. जी हां, IIT Madras ऐसी सुविधा शुरू करने जा रहा है, जिसके तहत 3 साल की डिग्री पूरी करने पर आपको बीएससी की डिग्री मिल जाएगी. हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तों को पूरा करना जरूरी है. इसका सीधा फायदा उन स्टूडेंट्स को मिलेगा, जो IIT से पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन किसीकारणवश कोर्स पूरा नहीं कर पाते हैं. ऐसे स्टूडेंट्स भी अब IIT से डिग्री लेकर निकलेंगे.  

IIT Madras Exit Option With BSc Degree: 3 साल बाद छोड़ सकते हैं आईआईटी 

आईआईटी मद्रास ने बीटेक छात्रों को बड़ी राहत देते हुए एग्जिट ऑप्शन की सुविधा शुरू की है. अब वे छात्र जो किसी वजह से इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ना चाहते हैं या डिग्री पूरी करने में दिक्कत महसूस कर रहे हैं, उन्हें 3 साल बाद बीएससी डिग्री के साथ कोर्स से बाहर निकलने का ऑप्शन मिलेगा. इसके लिए छात्रों को कुल 400 में से कम से कम 250 क्रेडिट पूरे करने होंगे. 

When You can Drop IIT: कब से मिलेगी ड्रॉप करने की सुविधा?

आईआईटी की इस सुविधा का लाभ, वर्ष 2024 बैच में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को 2027 से मिलना शुरू होगा. वहीं आईआईटी मद्रास ने सोचा है कि इस अकैडमिक सेशन से सीनियर स्टूडेंट्स को भी यह ऑप्शन मिलेगा. हालांकि, बीएससी डिग्री चुनने से पहले छात्रों को कम से कम एक बार बीटेक डिग्री पूरी करने का प्रयास करना अनिवार्य होगा. 

IIT BSc Degree: स्पेशलाइजेशन के साथ बीएससी की डिग्री 

वहीं खबरों की मानें तो संस्थान फ्यूचर में स्पेशलाइजेशन के साथ बीएससी डिग्री देने की योजना पर भी काम कर रहा है. हालांकि, इसके लिए स्कोर तय करना पूरी तरह से विभाग के अधीन होगा. हर विभाग यह तय करेगा कि किसी विशेष स्पेशलाइजेशन के लिए कितने कोर क्रेडिट अनिवार्य होंगे. 

IIT BSc Degree: आईआईटी से बीएससी डिग्री से क्या होगा फायदा? 

जानकारों की मानें तो इस बीएससी डिग्री से स्टूडेंट्स के लिए उच्च शिक्षा (Higher Education) के नए रास्ते खुलेंगे. स्टूडेंट्स MBA में एडमिशन ले सकते हैं या सिविल सेवा की तैयारी में जुट सकते हैं. जो छात्र बीटेक के दौरान तीन साल बाद एग्जिट ऑप्शन चुनेंगे, वे बाद में आईआईटी मद्रास की ऑनलाइन बीएस डिग्री में भी प्रवेश ले सकेंगे. 

NEP 2020: नई शिक्षा नीति के तहत एजुकेशन को लचीला बनाने की कोशिश

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत मल्टीपल एंट्री एग्जिट सिस्टम लागू किया गया है. इसके तहत डिग्री कोर्स को लचीला बनाया गया है, आप दो साल या तीन साल में भी कॉलेज से ड्रॉप ले सकते हैं और आपको आपके स्कोर के अनुसार सर्टिफिकेट दिया जाएगा. दो साल पूरे करने पर Advanced Diploma, तीन साल पर सामान्य Bachelor’s Degree और चार साल की पढ़ाई पर ऑनर्स या ऑनर्स विद रिसर्च की डिग्री दिए जाने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकता है. वहीं अब IIT जैसा संस्थान में इस तरह का नियम लाने जा रहा है, जिसके तहत आप तीन साल में एग्जिट कर सकते हैं और आपको बीएससी की डिग्री मिलेगी.

यह भी पढ़ें- IIT BHU Mess Food: आईआईटी बीएचयू की थाली दिखा, यूट्यूबर ने दिया रियलिटी चेक

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >