IISER Pune: अगर आप साइंस के स्टूडेंट हैं और फ्यूचर में साइंटिस्ट या रिसर्चर बनना चाहते हैं, तो IISER पुणे आपके लिए एक बेहतर मौका लेकर आया है. पुणे में स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) में इंटीग्रेटेड पीएचडी प्रोग्राम उपलब्ध है. यह प्रोग्राम उन छात्रों के लिए अच्छा है, जो अपनी बैचलर डिग्री पूरी कर चुके हैं और सीधे रिसर्च की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं.
क्या है इंटीग्रेटेड पीएचडी प्रोग्राम?
आमतौर पर स्टूडेंट पहले मास्टर डिग्री (MSc) करते हैं और फिर पीएचडी के लिए अप्लाई करते हैं. लेकिन IISER पुणे का यह प्रोग्राम दोनों को एक साथ जोड़ता है. इसमें शुरुआत के 2 साल कोर्सवर्क यानी पढ़ाई पर फोकस्ड होते हैं, जिसके बाद स्टूडेंट अपने रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम शुरू करते हैं. इस प्रोग्राम को पूरा करने पर स्टूडेंट को मास्टर ऑफ साइंस (MSc) और पीएचडी (PhD) दोनों की डिग्रियां एक साथ दी जाती हैं.
कौन कर सकता है अप्लाई?
इस प्रोग्राम के लिए वो सभी स्टूडेंट एलीजिबल हैं, जिन्होंने साइंस की किसी भी ब्रांच में अपनी बैचलर डिग्री (ग्रेजुएशन) पूरी कर ली है. IISER Pune में इंटीग्रेटेड पीएचडी प्रोग्राम मुख्य रूप से दो विभागों में उपलब्ध है, बायोलॉजी (Biology) और फिजिक्स (Physics). इन डिपार्ट्मेंट में स्टूडेंट अपनी पसंद के सब्जेक्ट में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं.
कैसे होता है छात्रों का सिलेक्शन?
IISER पुणे में इस कोर्स के लिए स्टूडेंट को एकेडमिक रिकॉर्ड और नेशनल लेवल के टेस्ट जैसे JAM, JEST, NBHM या JGEEBILS पास करना पड़ता है. एग्जाम के स्कोर के आधार पर सिलेक्शन किया जाता है. सिलेक्ट किए गए कैंडिडेट्स को फिर इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है. सिलेक्शन पूरी तरह से इंटरव्यू के मार्क्स के बेसिस पर होता है.
IISER Pune PhD Integrated Course Details Check Here
IISER Pune में वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं
IISER पुणे केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि रिसर्च के लिए मॉडर्न लैबोरेट्री और कंप्यूटर फैसिलिटी भी देती है. यहां समय-समय पर नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के सेमिनार और वर्कशॉप होते रहते हैं. इस इंस्टीट्यूट में स्टूडेंट्स को देश-दुनिया के बड़े साइंटिस्ट और रिसर्चर्स के साथ बातचीत करने और उनसे सीखने का मौका मिलता है.
आरक्षण और अन्य छूट
भारत सरकार के नियमों के अनुसार SC, ST और PwD कैटेगरी के कैंडिडेट्स को छूट दी जाती है. आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए कट-ऑफ स्कोर भी जनरल केटेगरी की तुलना में 1.25 गुना तक कम रखा जाता है.
यह भी पढ़ें: रिसर्च में बनाना है करियर? जानें IISER पुणे में कैसे मिलता है एडमिशन
