बिहार बोर्ड में स्क्रूटिनी क्या है? जानें कहां और कैसे करें अप्लाई

Bihar Board Scrutiny 2026: बिहार बोर्ड की तरफ से 12वीं का रिजल्ट जारी होने के बाद अब छात्रों के लिए स्क्रूटिनी में आवेदन का मौका दिया गया है. स्क्रूटिनी स्टूडेंट्स के लिए एक मौका होता है, जिससे वे अपने मार्क्स की सही जांच करवा सकते हैं. जो छात्र अपने मार्क्स को लेकर संतुष्ट नहीं हैं वो समय रहते स्क्रूटिनी के लिए अप्लाई करें.

Bihar Board Scrutiny 2026: रिजल्ट का दिन हर स्टूडेंट के लिए बहुत खास होता है, लेकिन कई बार जब नंबर उम्मीद के मुताबिक नहीं आते, तो मन थोड़ा उदास हो जाता है. ऐसा लगने लगता है कि इतनी मेहनत के बाद भी सही रिजल्ट नहीं मिला. कई स्टूडेंट्स को यह भी शक होता है कि कहीं उनकी कॉपी सही से चेक नहीं हुई या नंबर जोड़ने में गलती हो गई हो. बिहार बोर्ड 12वीं के रिजल्ट में जिन छात्रों को लगता है कि उनके साथ भी ऐसा हुआ है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है. बिहार बोर्ड ने स्क्रूटिनी (Bihar Board Scrutiny 2026) के लिए अप्लाई करने का मौका दिया है. 

स्क्रूटिनी के लिए ऐसे करें अप्लाई 

अगर आप स्क्रूटिनी (Bihar Board Scrutiny 2026) के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए स्टेप्स से आसानी से आवेदन कर सकते हैं-  

  • सबसे पहले बिहार बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाएं. 
  • स्क्रूटिनी / री-चेकिंग लिंक पर क्लिक करें. 
  • अब अपना रोल नंबर, रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य जरूरी डिटेल्स डालकर लॉगिन करें. 
  • इसके बाद जिस सब्जेक्ट की कॉपी दोबारा चेक करवानी है, उसे सिलेक्ट करें. 
  • फिर सब्जेक्ट के अनुसार फीस ऑनलाइन जमा करें. 
  • लास्ट में सबमिट करके प्रिंटआउट या स्क्रीनशॉट रख लें. 

बिहार बोर्ड ने दिया स्क्रूटिनी का मौका

Bihar Board Scrutiny 2026: स्क्रूटिनी क्या होती है? 

स्क्रूटिनी एक ऐसा प्रोसेस है, जिसमें आपकी आंसर शीट को  दोबारा चेक किया जाता है. इसका उद्देश्य यह देखना होता है कि कहीं चेकिंग के दौरान कोई गलती तो नहीं हुई. यह स्टूडेंट्स को एक मौका देती है कि अगर उनकी कॉपी चेक करते समय कोई गलती हो गई है, तो उसे सुधारा जा सके. स्क्रूटिनी के दौरान कॉपी को पूरी तरह से दोबारा नहीं जांचा जाता, बल्कि कुछ जरूरी चीजों पर ध्यान दिया जाता है, जैसे:

  • अगर कोई सवाल चेक करना छूट गया हो
  • नंबर जोड़ने (Total) में कोई गलती हुई हो 
  • किसी सही आंसर के बावजूद कम मार्क्स  दे दिए गए हों
  • मार्क्स को सही तरीके से रिजल्ट में जोड़ा गया  है या नहीं

स्क्रूटिनी और री-इवैल्यूएशन में फर्क

बहुत से स्टूडेंट्स स्क्रूटिनी और री-इवैल्यूएशन को एक ही समझ लेते हैं, लेकिन दोनों अलग होते हैं. स्क्रूटिनी में सिर्फ छोटी-छोटी गलतियों को सुधारा जाता है. जबकि री-इवैल्यूएशन में पूरी कॉपी को फिर से नए तरीके से चेक किया जाता है. ज्यादातर बोर्ड स्क्रूटिनी की सुविधा देते हैं, जबकि री-इवैल्यूएशन हर जगह उपलब्ध नहीं होता है. 

यह भी पढ़ें: बिहार बोर्ड 12वीं कंपार्टमेंट एग्जाम के लिए करें अप्लाई, नंबर बढ़ाने का मिलेगा मौका

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लेखक के बारे में

By Smita Dey

स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.

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