Vikas Divyakirti के बेटे ने क्यों मारा हथौड़ा? वजह के पीछे छिपा है Success Mantra

Best Career Advice Vikas Divyakirti: विकास दिव्यकीर्ति लाखों युवा और छात्रों को सलाह देते हैं. उनकी बताई बात छात्रों के लिए मोटिवेशन का काम करती है. वहीं अब उनका एक वीडियो सामने आ रहा है, जिसमें वे बता रहे हैं कि उनके बेटे ने उनके घुटनों पर हथौड़ा मारा था. अब इसमें क्या सक्सेस मंत्र छिपा है, ये जानने के लिए पूरी खबर पढ़ें-

Best Career Advice By Vikas Divyakirti: दृष्टि कोचिंग के संस्थापक और शिक्षक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति से लाखों युवा और छात्र प्रेरणा लेते हैं. गुरु विकास दिव्यकीर्ति छात्रों को न सिर्फ पढ़ने के तरीके बताते हैं बल्कि उन्हें और उनके अभिभावक को जिंदगी से संबंधित कई सलाह (Parenting Tips By Vikas Divyakirti) देते हैं और मोटिवेट करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि वे अपने बेटे के करियर को लेकर क्या सोचते हैं? 

Best Career Advice: बच्चों पर दबाव न बनाएं

एक पॉडकास्ट में विकास दिव्यकीर्ति (Vikas Divyakriti) ने कहा कि उनका बेटा भले ही पढ़ने में बहुत तेज न हो लेकिन वो काफी समझदार है. साथ ही उसे टेक्नोलॉजी और गैजेट्स की काफी अच्छी समझ है. उन्होंने कहा कि मैंने कभी अपने बेटे पर करियर के चुनाव को लेकर दबाव नहीं बनाया. यही कारण है कि आज वो जो कुछ भी कर रहा है उसे बहुत समझदारी से कर रहा है. 

Vikas Divyakirti Best Career Advice: करियर के चुनाव पर दी सलाह

इसी पॉडकास्ट में विकास दिव्यकीर्ति के बेटे ने बताया कि पापा (विकास दिव्यकीर्ति) कभी भी उन्हें किसी चीज को करने से रोकते नहीं थे. वे बचपन में कहा करते थे कि वे कुल्फी बेचेंगे, आर्टिस्ट बनेंगे. लेकिन उन्होंने कभी इसके लिए मुझे टोका नहीं. एक बार उन्होंने कारपेंटर बनने की जिद की और पापा के घुटनों पर कील ठोकने लगे. हालांकि, कील नीचे फिसल गई और हथौड़ा विकास दिव्यकीर्ति के घुटनों पर लगा. 

Vikas Divyakirti Success Mantra: ये है विकास दिव्यकीर्ति का सक्सेस मंत्र

इस पर विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि मैं एक असफल अभिभावक हूं. मैंने दुनिया के हिसाब से कभी अपने बेटे को किसी चीज के लिए रोका-टोका (Parenting tips) नहीं. मैंने उसके साथ दोस्ती जैसा रिश्ता रखा है. विकास दिव्यकीर्ति ने आगे कहा कि स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई काम नहीं आती है. काम आती है समझदारी. इसलिए बच्चों पर कोई करियर या कोई विचार थोपना नहीं चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि बच्चों को सलाह दें लेकिन उन पर अपनी किसी चीज को थोपे नहीं. साथ ही बच्चों को मोटिवेट करें. 

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