बीएड या नेट? छप्पर फाड़ Salary के लिए कौन सा है बेस्ट, देखें अंतर

BEd Vs NET Which is Better: NET और BEd दोनों में से कोई भी डिग्री हासिल करने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में करियर बना सकते हैं. लेकिन दोनों में काफी अंतर है. अंतर सिर्फ सैलरी में नहीं है बल्कि योग्यता और इन डिग्रियों को हासिल करने के बाद मिलने वाली नौकरियों के ऑप्शन में भी है. आइए, जानते हैं दोनों डिग्री में क्या अंतर है और कौन सा करना बेहतर होगा?

BEd Vs NET Which is Better: आज के समय में शिक्षक बनने के लिए भी कई सारी डिग्रियां हासिल करनी होती हैं. इनमें नेशनल एबिजिबिलिटी टेस्ट (NET) और बैचलर ऑफ एजुकेशन (BEd) का नाम आता है. दोनों ही फील्ड में करियर के बहुत सारे ऑप्शन (Best Career Options) मिलते हैं. अगर आप भी शिक्षा क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं और आपको समझ नहीं आ रहा है कि नेट या बीएड में से कौन सा करियर चुनें तो ये खबर आपके काम की है. 

BEd Vs NET What is the Difference: दोनों में क्या है अंतर? 

NET और BEd दोनों में से कोई भी डिग्री हासिल करने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में करियर बना सकते हैं. लेकिन दोनों में काफी अंतर है. अगर आप कॉलेज या यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर या रिसर्चर बनना चाहते हैं तो आपके लिए नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (NET) की डिग्री बेस्ट है. वहीं अगर आप स्कूल में शिक्षक बनना चाहते हैं तो बैचल ऑफ एजुकेशन (BEd) आपके लिए बेस्ट होगा. 

NET Eligibility: नेट के लिए शैक्षणिक योग्यता 

नेट परीक्षा के लिए कुछ फिक्स क्राइटेरिया है, जिन्हें पूरा करना जरूरी है. नेट परीक्षा देने वाले कैंडिडेट्स के 55% मार्क्स के साथ बीएड की डिग्री होनी चाहिए. केवल ग्रेजुएशन डिग्री के आधार पर आप ये परीक्षा नहीं दे सकते हैं. 

BEd Elgibility: बीएड के लिए शैक्षणिक योग्यता 

वहीं स्कूल लेवल पर शिक्षक बनने के लिए ग्रेजुएशन की डिग्री भी चलेगी. दो वर्षीय BEd करने कैंडिडेट्स का ग्रेजुएट होना जरूरी है. 

NET Career Options: नेट करियर ऑप्शन 

  • असिस्टेंट प्रोफेसर
  • जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF)
  • CSIR, ICAR, ICMR, DRDO जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में रिसर्च से जुड़ने का मौका 
  • PSUs जैसे कि ONGC, NTPC, BHEL, IOCL जैसी कंपनियों में नौकरी के अवसर 

BEd Career Options: बीएड करियर ऑप्शन 

  • सरकारी स्कूल में नौकरी 
  • प्राइवेट कॉलेज में नौकरी 
  • सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) 
  • राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (State TET) 

BEd VS NET: देखें सैलरी में अंतर 

बीएड वालों के मुकाबले नेट वालों की सैलरी काफी ज्यादा होती है. बीएड+टेट के बाद सरकारी स्कूल टीचर की नौकरी मिलने पर शुरुआती सैलरी 40 से 70 हजार रुपये मिल सकती है, जबकि कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर की शुरुआती सैलरी 70,000 से 1 लाख रुपये तक हो सकती है. 

BEd Vs NET Which is Better: नेट और बीएड में कौन सा बेहतर है? 

कुल मिलाकर देखें अगर तो शैक्षणिक योग्यता के अनुसार, नेट ज्यादा बेहतर है. लेकिन जल्दी नौकरी मिलने की बात है तो बीएड बेस्ट ऑप्शन (Best Career Options After BEd) है. समय की बात भी करें तो नेट की डिग्री हासिल करने के लिए 3 साल का ग्रेजुएशन और 2 साल का मास्टर्स अनिवार्य है. ऐसे में नेट के बाद नौकरी पाने में काफी समय लग जाएगा. वहीं बीएड के बाद आपको तुरंत नौकरी मिल जाएगी. कई प्राइवेट स्कूलों में भी बीएड शिक्षकों की डिमांड है. हालांकि, सैलरी में काफी अंतर है. जहां बीएड वालों की सैलरी हजार में है, वहां नेट क्वालिफाई करने के बाद सैलरी लाखों में होती है. दोनों में से कोई भी ऑप्शन चुनने से पहले ये देखें कि आपके लिए क्या जरूरी है और आपकी प्राथमिकता क्या है. अगर आपको उच्च शिक्षा और अच्छी सैलरी चाहिए तो नेट करें. वहीं अगर आपको जल्दी नौकरी चाहिए और ज्यादा आसान विकल्प चुनना है तो आप बीएड कर सकते हैं. 

यह भी पढ़ें- आपके नाम में कौन-सी संधि है? UPSC Interview में आ सकता है इस तरह का सवाल

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >