प्रशिक्षित साइकोलॉजिस्ट की है मांग

साइकाेलॉजी से एमए करने के बाद आप किसी स्कूल या साइकोलॉजी सेंटर, हॉस्पिटल, क्लिनिक में काउंसलर या ट्रेनी साइकोलॉजिस्ट के तौर पर करियर शुरू कर सकते हैं.

डॉ अनिल सेठी, मोटिवेटर एंड काउंसेलर

Q मैंने साइकाेलॉजी में एमए किया है. आगे मेरा किस क्षेत्र में करियर बन सकता है?

– रिया कुमारी

मौजूदा दौर में स्ट्रेस और डिप्रेशन बहुत तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में प्रशिक्षित साइकोलॉजिस्ट की जरूरत भी बढ़ रही है. साइकाेलॉजी से एमए करने के बाद आप किसी स्कूल या साइकोलॉजी सेंटर, हॉस्पिटल, क्लिनिक में काउंसलर या ट्रेनी साइकोलॉजिस्ट के तौर पर करियर शुरू कर सकती हैं. आप चाहें, तो आगे एमफिल और पीएचडी करके मजबूत करियर बना सकती हैं. इसके अलावा एमए के बाद आप अपनी रुचि के अनुसार पीजी डिप्लोमा, जैसे चाइल्ड काउंसलिंग, टीनएज काउंसलिंग, रिलेशनशिप काउंसलिंग, बिजनेस काउंसलिंग, इंडस्ट्रियल रिलेशनशिप काउंसलिंग आदि में से कोई एक करके अच्छा करियर बना सकती हैं.

Qमैं 10वीं में हूं और कत्थक डांसर बनना चाहती हूं. इसके लिए मुझे क्या करना होगा?

– नंदनी झा

आप किसी गुरु या नृत्य प्रशिक्षण संस्थान से संपर्क कर कत्थक का प्रशिक्षण लेना शुरू कर सकती हैं. एक अनुमान के अनुसार कत्थक सीखने में सामान्य लोगों को छह साल का समय लगता है. इसके अलावा आप कितना अभ्यास करती हैं या समय देती हैं, सब उस पर निर्भर करता है. आप ग्रेजुएशन इन परफार्मिंग आर्ट्स भी कर सकती हैं या किसी घराने के गुरु से सीखने के साथ नाॅर्मल ग्रेजुएशन, जैसे बीए, बीकॉम आदि भी कर सकती हैं. एक बार कत्थक सीखने के बाद आप अन्य डांस फॉर्म भी सीख कर ट्रेनर, कोरियोग्राफर, टीचर के रूप में करियर बना सकती हैं. अभी आप हॉबी के रूप में शुरुआत करें और बाद में अपने प्रदर्शन, गुरु व अन्य लोगों के फीडबैक के अनुसार आगे कदम बढ़ायें.

Qइग्नू से बीए करने के बाद झारखंड से बीएड किया जा सकता है?

– चंद्रदीप टिग्गा

इग्नू एक मान्यताप्राप्त संस्थान है. आपने अगर इग्नू से ग्रेजुएशन किया है और आपके अंक 50 या 55 प्रतिशत से ज्यादा हैं, तो आप बीएड की एंट्रेंस परीक्षा देने के योग्य है. एडमिशन के लिए कुछ संस्थान इंटरव्यू भी लेते हैं. आप झारखंड में बीएड की परीक्षा दे सकते हैं.

Qमैंने बीसीए किया है, आगे एमसीए करना चाहती हूं. लेकिन मेरी कोडिंग अच्छी नहीं है. मुझे आगे क्या करना चाहिए?

– करुणा सिंह

आपकी अगर कोडिंग (प्रोग्रामिंग स्किल) अच्छी नहीं है, तो भी आपके लिए कई विकल्प उपलब्ध है, जैसे नेटवर्किंग, डेटाबेस मैनेजमेंट, क्वालिटी कंट्रोल, यूजर ट्रेनिंग एवं मैन्युअल, सिस्टम स्टडी एवं एनालिसिस, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट आदि. आप अगर नेटवर्किंग के क्षेत्र में जाना चाहती हैं, तो सिस्को का सर्टिफिकेशन कर सकती हैं. यह इंटरनेशनल सर्टिफिकेशन हैं. डेटाबेस के लिए आप माइक्रोसॉफ्ट एसक्यूएल या ओरेकल का सर्टिफिकेशन कर सकती हैं. आप कम्युनिकेशन स्किल और कंप्यूटर में दक्ष हैं, तो यूजर ट्रेनिंग, यूजर मैनुअल्स या क्वालिटी टेस्टर बन सकती हैं. प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एवं सिस्टम एनालिसिस के क्षेत्र में जाना चाहें, तो आईटी/ प्रोजेक्ट मैनेजमेंट से एमबीए करके अच्छा करियर बना सकती हैं. इसके लिए एमसीए करना जरूरी नहीं है.

Qमैं बीसीए सेकेंड ईयर में हूं. मुझे जाॅब की जरूरत है, क्या डाटा एंट्री का काम कर सकता हूं?

– राजीव शर्मा

आप बैक ऑफिस जॉब के लिए कोशिश कर सकते हैं. इसमें कॉलेज टाइम के बाद की शिफ्ट भी प्रोवाइड करायी जाती हैं. ऐसे में आपकी बीसीए की पढ़ाई भी काम आयेगी. इसके अलावा आप ट्यूटर के तौर पर भी काम कर सकते हैं. डाटा एंट्री के लिए काम करना सही नहीं होगा, क्योंकि इसमें बहुत अधिक समय देने पड़ेगा और पैसे भी कम मिलेंगे. डाटा एंट्री जॉब आपके लिए अंतिम विकल्प हो सकता है, पहला नहीं.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

Published by: Prabhat Khabar

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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