लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को कहा कि जो छात्र मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और जिन्होंने अपने माता-पिता या परिवार के कमाऊ सदस्य को सीओवीआईडी -19 में खो दिया है, उन्हें कोटा, राजस्थान में मुफ्त कोचिंग और आवास प्रदान किया जाएगा.
कोविड के कारण अपने माता-पिता या परिवार को खोने वाले छात्रों को मिलेगी सुविधा
लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने बुधवार को वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये कोटा के स्कूल संचालकों से संवाद किया. इस दौरान बिरला ने कहा कि कोविड के कारण जिन घरों में माता-पिता या परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु हो गई है. उनमें सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ा है.
स्कूल संचालकों से बिरला ने कही ये बात
बिरला ने वीडियो कॉफ्रेंसिंग के दौरान स्कूल संचालकों और कोचिंग प्रबंधकों से ऐसे बच्चों की मदद के लिए आगे आने की अपील की. बिरला ने उनसे आग्रह किया कि वे ऐसे बच्चों को निशुल्क शिक्षा देकर उनके जीवन को एक नई दिशा दें. उन्होंने स्कूल संचालकों से कहा कि यदि उनके स्कूल में ऐसा कोई बच्चा पढ़ता है तो बिना फीस लिए उसको पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दें. यदि फीस को लेकर उन्हें कोई परेशानी है तो बताएं फीस की व्यवस्था कर दी जाएगी.
ओम बिड़ला राहत कोष स्थापित करने की कही बात
ओम बिड़ला ने अपने बयान में कहा संस्थान देश भर के उन छात्रों को मुफ्त कोचिंग, आवास और भोजन प्रदान करने पर सहमत हुए, जिन्होंने COVID-19 के कारण अपने माता-पिता या परिवार के कमाने वाले सदस्य को खो दिया है. एलन करियर इंस्टीट्यूट के निदेशक नवीन माहेश्वरी ने बिड़ला के साथ बैठक के दौरान यह भी घोषणा की कि संस्थान COVID-19 महामारी से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए 50 लाख रुपये का राहत कोष स्थापित करेगा.
बिड़ला ने कोचिंग संस्थानों को उनके नेक काम के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान यह महत्वपूर्ण है कि समाज एक साथ आए और एक दूसरे की मदद करे.
Posted By: Shaurya Punj
