अन्तरिक्ष विज्ञान में है असीम संभावना, यहां से कोर्स कर आप भी करियर को दे सकते हैं बेहतर विकल्प

अपने करियर को लेकर हर युवा कई सपने संजोता है, लेकिन दुनिया में बहुत कम लोग ऐसे होते हैं, जो आसमान की ऊंचाईयों में ही अपना करियर तलाशने की चाह रखते हैं. ऐसे लोगों के लिए अन्तरिक्ष विज्ञान एक अच्छा करियर ऑप्शन है

अपने करियर को लेकर हर युवा कई सपने संजोता है, लेकिन दुनिया में बहुत कम लोग ऐसे होते हैं, जो आसमान की ऊंचाईयों में ही अपना करियर तलाशने की चाह रखते हैं. ऐसे लोगों के लिए अन्तरिक्ष विज्ञान एक अच्छा करियर ऑप्शन है. हालांकि, अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपना करियर बनाना कोई आसान बात नहीं,फिर भी आज कई युवा ऐसे हैं जो स्पेस से जुड़े रहस्यों को जानने में काफी रुचि रखते हैं और इसी में अपना एक बेहतर भविष्य का सपना भी देखते हैं. अगर आप भी स्पेस साइंस से पढ़ाई कर आगे बढ़ना चाहते हैं तो आपके सामने इससे जुड़े रोजगार के कई अवसर मौजूद हैं.सबसे पहले जान लें की क्या है अन्तरिक्ष विज्ञान

क्या है अंतरिक्ष विज्ञान : अंतरिक्ष विज्ञान को स्पेस साइंस और एस्ट्रोनॉमी भी कहते हैं. ये ब्रह्मांड के रहस्यों की खोजबीन से जुड़ा एक विज्ञान है. इसमें पृथ्वी के बाहर होने वाले गतिविधियों का अध्ययन और किया रिसर्च किया जाता है. Planets, Stars, Black Holes, Solar System, Universe, Galaxy जैसी अनेकों चीजों के बारे में जानकारी हासिल की जाती है, या उनका अध्ययन किया जाता है. वर्तमान समय में विज्ञान इस दिशा में तरक्की कर रहा है उससे साफ है के आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर में और इजाफा होगा.

अंतरिक्ष विज्ञान में करियर के विकल्प : अंतरिक्ष की तरह ही अंतरिक्ष विज्ञान की पढ़ाई का भी कोई अंत नहीं है. इसमें भी कई शाखाएं हैं, जिसकी पढ़ाई करते हुए आप खुद को उस फील्ड में ही आगे बढ़ा सकते हैं. एस्ट्रोफिजिक्स, गैलैक्टिक साइंस, स्टेलर साइंस, रिमोट सेंसिंग, हाइड्रोलॉजी, कार्टोग्राफी, नॉन अर्थ प्लैनेट्री साइंस, बायॉलॉजी ऑफ अदर प्लेनेट्स, एस्ट्रोनॉटिक्स, स्पेस कोलोनाइजेशन, इमेटोलॉजी और कॉस्मॉलजी साइंस जैसी और भी कई शाखाएं हैं, जिसमें स्पेशलाइजेशन किया जा सकता है. स्पेस साइंटिस्ट के इन पदों के अलावे मेट्रोलॉजिकल सर्विस, एनवायरनमेंटल मॉनिटरिंग, एस्ट्रोनॉमिकल डाटा स्टडी आदि के फील्ड से भी जुड़ कर बेहतर करियर बनाया जा सकता है.

यहां मौजूद हैं रोजगार के अवसर : अंतरिक्ष विज्ञान की पढ़ाई करने के बाद नौकरी के ढेरों विकल्प युवाओं के सामने मौजूद होते हैं. इसके प्रोफेशनल्स को नासा, इसरो, डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, नेशनल एयरोनॉटिक्ल लेबोरेटरी जैसी कई बड़े संस्थानों में विभिन्न पदों पर नौकरी का अवसर मिलता है

योग्यता : छात्र बारहवीं के बाद से ही स्पेस साइंस की पढ़ाई कर सकते हैं या फिर इससे मास्टर डिग्री हासिल कर सकते हैं. अंतरिक्ष विज्ञान की पढ़ाई के लिए math, physics chemistry से बारहवीं या स्नातक पास होना जरूरी होता है. देशभर में कई यूनिवर्सिटी है जो स्पेस साइंस में ग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट कोर्स करवाती है.

प्रमुख शिक्षण संस्थान

बिरला इंस्टीटय़ूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा, रांची

नेशनल इंस्टीटय़ूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, भुवनेश्वर

इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ साइंस, बेंग्लुरू

इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी, तिरुवनंतपुरम

एमएससी स्पेस साइंस, पुणे यूनिवर्सिटी

पीजी डिप्लोमा स्पेस साइंस, गुजरात और आंध्र यूनिवर्सिटी

एमएससी कार्टोग्राफी, मद्रास यूनिवर्सिटी

मौजूदा दौर में अन्तरिक्ष विज्ञान का दायरा लंबा हो रहा है. इस दिशा में विज्ञान लगातार तरक्की कर रहा है उससे साफ है की आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर में और इजाफा होगा.

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लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.

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