PhonePe IPO Postponed: भारत की डिजिटल पेमेंट कंपनी PhonePe ने अपना आईपीओ (IPO) लाने की योजना को फिलहाल के लिए रोक दिया है. 16 मार्च को कंपनी ने जानकारी दी कि दुनिया भर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव (Geo-political tension) और शेयर बाजार की अस्थिरता को देखते हुए उन्होंने यह बड़ा कदम उठाया है.
PhonePe के CEO ने क्या कहा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी के फाउंडर और सीईओ समीर निगम ने अपने बयान में कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि प्रभावित इलाकों में जल्द ही शांति होगी. उन्होंने साफ किया कि कंपनी भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट होने के अपने वादे पर कायम है, लेकिन इसके लिए सही समय और बाजार में स्थिरता का होना बहुत जरूरी है.
क्यों टाला गया इतना बड़ा IPO?
- अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट को डरा दिया है.
- इतने बड़े आईपीओ (लगभग 12,000 करोड़ रुपये) के लिए अभी बाजार में लिक्विडिटी जुटाना मुश्किल लग रहा था.
- कंपनी की वैल्यू लगभग 15 बिलियन डॉलर आंकी जा रही थी. खराब मार्केट में निवेशकों से इतनी बड़ी रकम जुटाना जोखिम भरा हो सकता था.
इस आईपीओ से जुड़ी कुछ खास बातें
- कंपनी का लक्ष्य करीब 12,000 करोड़ रुपये जुटाने का था.
- शेयर बाजार नियामक SEBI से कंपनी को 20 जनवरी को ही हरी झंडी मिल चुकी थी.
- अगर यह लिस्टिंग होती, तो पेटीएम (Paytm) के बाद यह नई इकोनॉमी के स्टार्टअप्स में दूसरी सबसे बड़ी लिस्टिंग होती.
आखिर क्यों सबसे आगे है PhonePe?
- PhonePe आज के समय में भारत का सबसे भरोसेमंद पेमेंट ऐप बन चुका है. इसके दबदबे को इन आंकड़ों से समझा जा सकता है
- यूपीआई (UPI) बाजार में PhonePe का 45% हिस्सा है, जबकि गूगल पे 35% के साथ दूसरे नंबर पर है.
- कंपनी हर महीने 10 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन प्रोसेस करती है.
- अब PhonePe केवल पैसे भेजने तक सीमित नहीं है. यह स्टॉक ट्रेडिंग (share.market), इंश्योरेंस और लोन देने जैसे बिजनेस में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है.
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