टेस्ला ट्वीट पर अमेरिकी ज्यूरी ने एलन मस्क को दिया क्लिन चिट, कहा - निवेशकों को नहीं किया गुमराह

करीब तीन सप्ताह की सुनवाई के अंत में करीब दो घंटे तक विचार-विमर्श करने के बाद नौ सदस्यीय जूरी ने अपना फैसला सुनाया. मस्क के लिए यह एक बड़ी जीत की तरह है, जो अदालती कार्यवाही के दौरान करीब आठ घंटे मौजूद रहे और अगस्त 2018 के अपने ट्वीट को लेकर बचाव में दलीलें दीं.

सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) : अमेरिका की एक ज्यूरी ने टेस्ला ट्वीट मामले में एलन मस्क को क्लिन चिट दे दिया है. ज्यूरी ने अपने फैसले में कहा है कि एलन मस्क ने 2018 में इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी टेस्ला के बारे में एक प्रस्तावित समझौते को लेकर ट्वीट कर निवेशकों को गुमराह नहीं किया था. यह मामला मस्क के सात अगस्त 2018 को किए गए दो ट्वीट से संबंधित है. मस्क ने दोनों ट्वीट में कहा था कि उन्होंने टेस्ला को खरीदने के लिए पर्याप्त वित्त का इंतजाम कर लिया है. हालांकि, इस सौदे को कभी अमल में नहीं लाया जा सका. इसके बाद, टेस्ला के शेयर धारकों ने मस्क पर यह कहते हुए मुकदमा कर दिया था कि उनके ट्वीट से उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है.

एलन मस्क को मिली बड़ी जीत

मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसासर, करीब तीन सप्ताह की सुनवाई के अंत में करीब दो घंटे तक विचार-विमर्श करने के बाद नौ सदस्यीय जूरी ने अपना फैसला सुनाया. मस्क के लिए यह एक बड़ी जीत की तरह है, जो अदालती कार्यवाही के दौरान करीब आठ घंटे मौजूद रहे और अगस्त 2018 के अपने ट्वीट को लेकर बचाव में दलीलें दीं. हालांकि, मस्क (51) फैसला सुनाए जाने के वक्त मौजूद नहीं थे, लेकिन वह शुक्रवार को दलीलें खत्म किए जाने के दौरान अचानक पहुंच गए थे, जो उनकी एक अलग ही छवि पेश करता है.

आखिरकार न्याय की जीत हुई : एलन मस्क

फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद मस्क ने ट्वीट कर अपनी खुशी का इजहार किया. उन्होंने लिखा, ‘भगवान का शुक्र है. आखिरकार न्याय की जीत हुई.’ मस्क के वकील एलेक्स स्पीरो ने न्यायाधीश मंडल से कहा कि 2018 का ट्वीट ‘तकनीकी रूप से गलत’ था, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि इससे किसी के साथ धोखा हुआ है.

Also Read: मुश्किल में एलन मस्क! अमेरिका और ब्रिटेन में ट्विटर के खिलाफ मुकदमे, जानें क्या है पूरा मामला

क्या था एलन मस्क का ट्वीट

मस्क ने ट्वीट किया था कि उन्होंने टेस्ला की खरीद के लिए 72 अरब डॉलर ‘धन जुटा लिया’ है. उस समय टेस्ला उत्पादन संबंधी समस्याओं से जूझ रही थी. इसके बाद, उन्होंने एक अन्य ट्वीट किया था कि इस संबंध में सौदा जल्द ही होने वाला है, जबकि ऐसा कोई सौदा नहीं हुआ.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >