Union Budget 2026: बजट 2026 में सोना, चांदी और पेट्रोल की कीमतों पर क्या होगा फैसला? जानें कमोडिटी मार्केट पर टैक्स और ड्यूटी के बदलावों का आपकी जेब पर का क्या होने वाला है सीधा असर.
क्या बजट से सस्ता होगा सोना-चांदी?
पिछले कुछ समय में सोने और चांदी ने रिकॉर्ड ऊंचाई छुई, लेकिन हाल ही में इनमें बड़ी गिरावट भी देखी गई. फिलहाल सोने पर 6% इंपोर्ट ड्यूटी और 3% GST लगता है. ज्वेलरी के शौकीनों और निवेशकों को उम्मीद है कि सरकार इस टैक्स में कटौती करेगी. अगर इंपोर्ट ड्यूटी घटती है, तो शादियों के इस सीजन में आपको राहत मिल सकती है. वरना, ऊंचे दाम आपकी पर्सनल फाइनेंस का बजट बिगाड़ते रहेंगे.
पेट्रोल-डीजल के दाम क्या कम होंगे?
क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) अभी भी GST के दायरे से बाहर है. इस पर एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकार के वैट (VAT) की दोहरी मार पड़ती है. लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि इसे GST में लाया जाए ताकि देशभर में कीमतें कम और एक समान हों. बजट में अगर तेल और नेचुरल गैस के टैक्स ढांचे में कोई बदलाव होता है, तो सीधे आपके आने-जाने के खर्च और रसोई के बजट पर असर पड़ेगा.
इंडस्ट्री के लिए क्या है खास?
कॉपर और एल्युमीनियम जैसे बेस मेटल्स की कीमतें ग्लोबल कारणों से काफी अस्थिर हैं. सरकार ने स्क्रैप मेटल पर तो ड्यूटी खत्म कर रखी है, लेकिन रिफाइंड कॉपर पर अभी भी 5% ड्यूटी लगती है. कंस्ट्रक्शन और बिजली के सामान बनाने वाली कंपनियों की नजर इस बात पर है कि क्या सरकार कच्चे माल को और सस्ता करेगी, जिससे घर बनाना या इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना आपके लिए किफायती हो सके.
क्या है मार्केट का मूड?
यूएस फेड की नीतियां और यूक्रेन-रूस जैसे वैश्विक तनावों ने मार्केट को काफी डराया हुआ है. ऐसे में भारतीय बजट निवेशकों के लिए एक सेफ्टी नेट का काम कर सकता है. अगर टैक्स स्थिर रहते हैं, तो बाजार में भरोसा लौटेगा.
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