‘हैलो, मैं प्रिया बोल रही हूं’ कहकर ठगी, बिटकॉइन निवेश में कर्मचारी के 70 लाख उड़े

Telegram Scam: 30 नवंबर को टेलीग्राम पर एक मैसेज मिला.मैसेज भेजने वाली महिला ने खुद को ‘प्रिया अग्रवाल’ बताया और कहा कि वह गलती से ‘राहुल’ नाम के व्यक्ति को मैसेज करना चाहती थी.पीड़ित ने मैसेज को नजरअंदाज करने के बजाय जवाब दिया और बातचीत शुरू हो गई.धीरे-धीरे दोनों के बीच नियमित चैट होने लगी और बाद में बातचीत व्हाट्सऐप पर शिफ्ट हो गई.

Telegram Scam: बेंगलुरु के एक 50 वर्षीय निजी कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी के साथ बड़ा साइबर फ्रॉड हुआ.एक अनजान महिला के साथ टेलीग्राम पर हुई मामूली बातचीत धीरे-धीरे बिटकॉइन निवेश के झांसे में बदल गई और आखिरकार उसे करीब 70 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।

कैसे शुरू हुआ पूरा मामला

पीड़ित, जो पूर्वी बेंगलुरु के कोडिहल्ली इलाके का रहने वाला है, को 30 नवंबर को टेलीग्राम पर एक मैसेज मिला.मैसेज भेजने वाली महिला ने खुद को ‘प्रिया अग्रवाल’ बताया और कहा कि वह गलती से ‘राहुल’ नाम के व्यक्ति को मैसेज करना चाहती थी.पीड़ित ने मैसेज को नजरअंदाज करने के बजाय जवाब दिया और बातचीत शुरू हो गई.धीरे-धीरे दोनों के बीच नियमित चैट होने लगी और बाद में बातचीत व्हाट्सऐप पर शिफ्ट हो गई.

महिला ने +44 से शुरू होने वाले यूके नंबर से खुद को लिवरपूल में रहने वाली बताया और कहा कि वह पारिवारिक बिजनेस संभालती है.कुछ समय बाद उसने ऑनलाइन बिटकॉइन ट्रेडिंग की बातें शुरू कीं और दावा किया कि वह पिछले कई सालों से इससे मोटा मुनाफा कमा रही है.उसने पीड़ित को भी निवेश करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि वह खुद गाइड करेगी और जल्दी अच्छा रिटर्न दिलाएगी।

लिंक के जरिए फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म तक पहुंच

महिला की बातों पर भरोसा करते हुए पीड़ित ने एक लिंक पर क्लिक किया, जिससे वह एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर पहुंच गया.वहां उसने अकाउंट बनाया और 9 दिसंबर 2025 को पहली बार 50 हजार रुपये निवेश किए.प्लेटफॉर्म के तथाकथित कस्टमर सपोर्ट द्वारा दिए गए बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए गए.डैशबोर्ड पर मुनाफा दिखने लगा, जिससे उसका भरोसा और बढ़ गया.

9 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 के बीच उसने आठ बार में करीब 70 लाख रुपये निवेश कर दिए.इसके लिए उसने बैंक और फाइनेंस कंपनी से लोन लिया और अपनी बचत भी लगा दी.ट्रेडिंग अकाउंट में करीब 2.6 करोड़ रुपये का मुनाफा दिखाया जा रहा था, जिससे उसे लगा कि निवेश असली है।

पैसा निकालने की कोशिश में खुला राज

जब पीड़ित ने पैसे निकालने की कोशिश की तो उसका अकाउंट फ्रीज दिखाया गया.कस्टमर सपोर्ट ने अलग-अलग बहाने बनाकर ‘टैक्स’ और ‘प्रोसेसिंग फीस’ के नाम पर और पैसा जमा करने को कहा.यहीं उसे शक हुआ और समझ में आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है.इसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया और राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई.ईस्ट साइबर क्राइम पुलिस ने आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया है.पुलिस अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर अनजान लोगों के मैसेज का जवाब न दें, खासकर जब वे जल्दी मुनाफे वाले निवेश का लालच दें.ऐसे ‘गलत मैसेज’ अक्सर साइबर ठगों का जाल होते हैं.

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By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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