मकान मालिक को किराया देने से पहले रुकें, कहीं इनकम टैक्स का नोटिस घर न आ जाए

TDS on Rent: क्या आप भारी किराया चुका रहे हैं? जानें Section 194I के तहत TDS की लिमिट और दरें क्या हैं.

TDS on Rent: अगर आप अपने दुकान या घर का भारी-भरकम किराया चुका रहे हैं, तो यह खबर आपके काम की है. अक्सर लोग सोचते हैं कि किराया मतलब बस मालिक को पैसे दे देना, लेकिन इनकम टैक्स के नियम कुछ और ही कहते हैं. ‘टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स’ यानी TDS का एक खास नियम Section 194I है, जिसे समझना हर किराएदार के लिए जरूरी है ताकि बाद में कोई कानूनी पचड़ा न फंसे. 

किराया कब बनता है टैक्स की देनदारी? 

इनकम टैक्स एक्ट के मुताबिक, हर किराए पर टैक्स नहीं कटता. इसकी एक तय सीमा है. अगर आप साल भर में 2.4 लाख रुपये (यानी 20,000 रुपये महीना) से ज्यादा किराया दे रहे हैं, तो TDS के नियम लागू हो सकते हैं. हालांकि, सेक्शन 194I के तहत मुख्य रूप से उन लोगों को ध्यान देना है जिनका सालाना किराया 6 लाख रुपये (यानी 50,000 रुपये महीना) से ऊपर जाता है. अगर आपका किराया इस लिमिट के अंदर है, तो आपको फिक्र करने की जरूरत नहीं है. 

किस रेट से कटेगा आपकी जेब से टैक्स? 

टैक्स की दर इस बात पर निर्भर करती है कि आपने किराए पर क्या लिया है. अगर आपने सिर्फ मशीनरी, प्लांट या कोई इक्विपमेंट किराए पर लिया है, तो आपको सिर्फ 2% TDS काटना होगा. वहीं, अगर आप जमीन, बिल्डिंग, फर्नीचर या फिटिंग का किराया दे रहे हैं, तो यह दर बढ़कर 10% हो जाती है. यह नियम तब भी लागू होता है जब बिल्डिंग के साथ कोई जमीन जुड़ी हो या उसमें फर्नीचर और फिटिंग की सुविधा दी गई हो.

किसे छूट मिली है और किसे टैक्स काटना ही होगा? 

नियम सबके लिए एक जैसे नहीं हैं. अगर आप एक साधारण व्यक्ति (Individual) या HUF हैं और आपका बिजनेस टर्नओवर 1 करोड़ रुपये से कम है (प्रोफेशनल्स के लिए 50 लाख से कम), तो आप पर सेक्शन 194I लागू नहीं होता. लेकिन, अगर आप इस कैटेगरी से बाहर हैं और फिर भी 50,000 रुपये महीने से ज्यादा किराया दे रहे हैं, तो आपको सेक्शन 194IB के तहत 2% की दर से TDS काटना होगा. 

पेमेंट के वक्त रखें इन बातों का खास ख्याल? 

TDS काटने का सही समय वह होता है जब आप अपने अकाउंट में किराए की राशि दर्ज करते हैं या जब आप असल में मालिक को पेमेंट करते हैं. एक और जरूरी बात, अगर आपका मकान मालिक NRI (अनिवासी भारतीय) है, तो नियम सख्त हो जाते हैं. ऐसी स्थिति में किराए की रकम चाहे कितनी भी हो, आपको सीधे 30% TDS काटना होगा. इसमें सरचार्ज और सेस अलग से जुड़ेंगे.

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लेखक के बारे में

By Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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