Swiggy Share Price: खराब तिमाही नतीजों के बाद स्विगी के शेयर धड़ाम, जानिए निवेशकों के लिए क्या है सही कदम

Swiggy Share Price: स्विगी के शेयरों में 7.4% की गिरावट देखी गई, जिससे यह अपने आईपीओ मूल्य ₹390 से नीचे आ गया.

Swiggy Share Price: स्विगी के शेयरों में 7.4% की गिरावट देखी गई, जिससे यह अपने आईपीओ मूल्य ₹390 से नीचे आ गया. इसका मुख्य कारण कंपनी द्वारा दिसंबर 2024 को समाप्त तीसरी तिमाही में ₹799.08 करोड़ का घाटा दर्ज करना रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹574.38 करोड़ के घाटे से अधिक है.

शेयर बाजार में स्विगी का प्रदर्शन

गुरुवार को स्विगी का शेयर बीएसई पर ₹387.95 पर खुला और ₹410.75 के उच्चतम स्तर तक पहुंचा, जबकि इंट्राडे में ₹387 तक गिर गया. खर्चों में वृद्धि और बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने शेयर मूल्य पर दबाव डाला है.

शेयर बाजार में स्विगी का प्रदर्शन

गुरुवार को स्विगी का शेयर बीएसई पर ₹387.95 पर खुला और ₹410.75 के उच्चतम स्तर तक पहुंचा, जबकि इंट्राडे में ₹387 तक गिर गया. खर्चों में वृद्धि और बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने शेयर मूल्य पर दबाव डाला है. गुरुवार को स्विगी का शेयर बीएसई पर ₹387.95 पर खुला और ₹410.75 के उच्चतम स्तर तक पहुंचा, जबकि इंट्राडे में ₹387 तक गिर गया. खर्चों में वृद्धि और बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने शेयर मूल्य पर दबाव डाला है.

वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही में स्विगी का कुल व्यय ₹3,700 करोड़ से बढ़कर ₹4,898.27 करोड़ हो गया. हालांकि, कंपनी का परिचालन से राजस्व ₹3,993.06 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के ₹3,048.69 करोड़ से अधिक है.

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ऑर्डर और लाभप्रदता में सुधार

स्विगी के कुल सकल ऑर्डर मूल्य (GOV) में 38% की वृद्धि हुई और यह ₹12,165 करोड़ तक पहुंच गया. खाद्य वितरण कारोबार में भी 19.2% की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे इसका राजस्व ₹7,436 करोड़ हो गया. कंपनी का समायोजित EBITDA ₹184 करोड़ तक बढ़ गया, जिससे लाभ मार्जिन 2.5% तक पहुंचा, जो पिछले वर्ष मात्र 0.3% था.

स्विगी के सीईओ का दृष्टिकोण

एमडी और ग्रुप सीईओ श्रीहर्ष मजेटी के अनुसार, त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए कंपनी ने लक्षित पेशकशों पर ध्यान केंद्रित किया. उन्होंने कहा कि खाद्य वितरण व्यवसाय में लाभप्रदता बढ़ रही है, लेकिन क्विक-कॉमर्स में निवेश जारी रहेगा, जिसमें डार्क स्टोर और मार्केटिंग के विस्तार पर जोर दिया जाएगा.

निवेशकों के लिए क्या करें?

  • खरीदें: यदि आप लंबी अवधि के निवेशक हैं और कंपनी के क्विक-कॉमर्स विस्तार में भरोसा रखते हैं.
  • होल्ड करें: यदि आपने ऊंचे स्तर पर निवेश किया है और बाजार स्थिर होने की प्रतीक्षा कर सकते हैं.
  • बेचें: यदि अल्पकालिक लाभ चाहते हैं और घाटे की भरपाई प्राथमिकता है.

स्विगी के शेयरों का भविष्य क्विक-कॉमर्स और लागत प्रबंधन की रणनीति पर निर्भर करेगा.

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By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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