Success Story: किचन से निकला देसी ड्रिंक आइडिया, एक साल में कमाए 250 करोड़

Success Story: पंजाब के सौरभ मुंजाल ने अपने भाइयों सौरभ भुटना और निखिल डोडा के साथ मिलकर “लाहौरी जीरा” नामक देसी ड्रिंक कंपनी की स्थापना की है. यह कंपनी प्रतिदिन 20 लाख बोतलें उत्पादन कर रही है और इसकी कमाई करोड़ों रुपये में पहुंच चुकी है.

Success Story: लाहौरी जीरा ड्रिंक की कहानी की शुरुआत एक घर से हुई थी. निखिल डोडा ने घर पर एक जीरा ड्रिंक तैयार किया, जिसमें लाहौरी मसालों का विशिष्ट स्वाद था. यह ड्रिंक उनके परिवार और दोस्तों को खूब पसंद आई. इस ड्रिंक का स्वाद सौरभ मुंजाल और सौरभ भुटना ने भी चखा और तुरंत समझ गए कि यह एक शानदार बिजनेस आइडिया हो सकता है.

बिजनेस की शुरुआत 

सौरभ मुंजाल, सौरभ भुटना और निखिल डोडा ने मिलकर लाहौरी जीरा की स्थापना की.उन्होंने महसूस किया कि बाजार में नेचुरल और बिना अल्कोहल वाले ड्रिंक की कमी है. चाय, कॉफी, और कोल्ड ड्रिंक जैसे पारंपरिक ड्रिंक के बीच में एक हेल्दी विकल्प की जरूरत को देखते हुए उन्होंने लाहौरी जीरा को मार्केट में लाने करने का निर्णय लिया.

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ब्रांड का नाम और खासियत

लाहौरी जीरा का नाम इसके खास सामग्री सेंधा नमक से प्रेरित है जो इसका एक अलग और पारंपरिक स्वाद देता है “लाहौरी” शब्द इस नमक से जुड़ा हुआ है. यह एक अल्कोहल-रहित ड्रिंक है जो स्थानीय सामग्री और पारंपरिक रेसिपीज के आधार पर तैयार किया गया है

सौरभ मुंजाल और उनके साथियों ने लाहौरी जीरा को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में लॉन्च किया और उनकी रणनीति के चलते ब्रांड तेजी से लोकप्रिय हो गया. 2022 तक यह 8 अन्य राज्यों में भी उपलब्ध हो गया आज लाहौरी जीरा की हर दिन 20 लाख बोतलें बनती हैं और इसके पास 500 से ज्यादा वितरकों का नेटवर्क है

सौरभ मुंजाल, सौरभ भुटना और निखिल डोडा

शुरुआत में सिर्फ जीरा फ्लेवर में उपलब्ध लाहौरी जीरा ने अपने उत्पादों की वैरायटी बढ़ाई और अब यह नींबू, कच्चा आम, शिकंजी और इमली जैसे फ्लेवर में भी उपलब्ध है. कंपनी ने अपनी उत्पादन प्रक्रिया को ऑटोमैटिक कर लिया है जिससे बढ़ती मांग को आसानी से पूरा कर पा रही है.

2021 में लाहौरी जीरा ने 80 करोड़ रुपये का रेवेन्यु बनाया, जो 2022 में बढ़कर 250 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. उनका अगला लक्ष्य 1000 करोड़ रुपये के रेवन्यू तक पहुंचना है.

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लेखक के बारे में

Published by: Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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