Success Story: कौन हैं भारत के नए अरबपति, कभी आरबीआई में करते थे इंटर्नशिप

Success Story: पुणे के रहने वाले और एक पूर्व राष्ट्रीय स्तर के शतरंज खिलाड़ी हाल ही में भारत के अरबपतियों के क्लब में शामिल हो गया हैं. पीएन गाडगिल ज्वैलर्स (PNG ज्वैलर्स) के गाडगिल कंपनी की छठी पीढ़ी के व्यवसायी हैं.

Success Story: पुणे के रहने वाले और एक पूर्व राष्ट्रीय स्तर के शतरंज खिलाड़ी हाल ही में भारत के अरबपतियों के क्लब में शामिल हो गया हैं. पीएन गाडगिल ज्वैलर्स (PNG ज्वैलर्स) के गाडगिल कंपनी की छठी पीढ़ी के व्यवसायी हैं.

अरबपतियों के क्लब में प्रवेश

2024 में पीएन गाडगिल ज्वैलर्स का आईपीओ लॉन्च होने के बाद से कंपनी के शेयरों में जबरदस्त वृद्धि हुई है, जिससे सौरभ गाडगिल की संपत्ति तेजी से बढ़ी है. ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, कंपनी के शेयर की कीमत में 61% की वृद्धि हुई है, जिसके चलते गाडगिल की कुल संपत्ति लगभग 1.1 बिलियन डॉलर हो गई है. यह वृद्धि उन्हें भारत के नए अरबपतियों की सूची में शामिल करती है.

शतरंज खिलाड़ी से व्यवसायी बनने की उनकी यात्रा भी दिलचस्प है. गाडगिल ने अपने लिंक्डइन प्रोफाइल पर लिखा है, “एक पूर्व राष्ट्रीय स्तर के शतरंज खिलाड़ी के रूप में, जीवन में तीस कदम आगे सोचना मेरी आदत बन गई है. यह आदत तब और काम आई जब 1998 में मैंने पीएनजी ज्वैलर्स का पारिवारिक व्यवसाय संभाला. उनकी यह दूरदर्शिता और रणनीतिक सोच निश्चित रूप से उनके व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मददगार साबित हुई है.

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पारिवारिक व्यवसाय की जिम्मेदारी

सौरभ गाडगिल 1998 में पीएन गाडगिल ज्वैलर्स में शामिल हुए थे, जब उन्होंने पारिवारिक व्यवसाय की बागडोर संभाली. 1832 में गणेश नारायण गाडगिल द्वारा महाराष्ट्र के सांगली में स्थापित इस कंपनी ने एक लंबा सफर तय किया है. गणेश नारायण गाडगिल ने एक छोटे पैमाने पर फुटपाथ पर सोने के आभूषण बेचने से शुरुआत की थी, और अब यह ब्रांड “पीएनजी” और इसके कई उप-ब्रांडों के तहत भारत में एक प्रसिद्ध ज्वैलरी ब्रांड बन गया है. कंपनी के उत्पाद 39 खुदरा स्टोर्स के साथ-साथ ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर भी बेचे जाते हैं, जिससे उनकी बाजार पहुंच और लोकप्रियता में और भी इजाफा हुआ है.

शिक्षा और प्रारंभिक करियर

सौरभ गाडगिल की शिक्षा पुणे के बृहन महाराष्ट्र कॉलेज ऑफ कॉमर्स से बी.कॉम की डिग्री के साथ शुरू हुई. इसके बाद, उन्होंने सिम्बायोसिस यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री प्राप्त की. एमबीए के दौरान, गाडगिल ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) में इंटर्नशिप की थी. इस अनुभव ने उन्हें वैश्विक सोने के बाजार की बारीकियों को समझने में मदद की.  2018 में हिंदुस्तान टाइम्सको दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था, ‘मैंने सोने के बाजार का गहन अध्ययन किया और यह समझा कि यह वैश्विक परिवेश में किस दिशा में जा सकता है. जब मैं आखिरकार कंपनी में शामिल हुआ, तो इससे मुझे बहुत मदद मिली’.

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पारिश्रमिक और परिवार

2023-24 में सौरभ गाडगिल, उनकी पत्नी राधिका, और परिवार के दो अन्य सदस्यों ने सामूहिक रूप से 272.4 मिलियन रुपये (लगभग 3.2 मिलियन डॉलर) का पारिश्रमिक प्राप्त किया. यह दिखाता है कि परिवार व्यवसाय में सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है और कंपनी के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.

पीएन गाडगिल ज्वैलर्स का विकास

पीएन गाडगिल ज्वैलर्स की शुरुआत महाराष्ट्र के सांगली शहर में एक छोटे पैमाने पर हुई थी. आज, यह कंपनी भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान बना चुकी है. कंपनी के उत्पाद “पीएनजी” ब्रांड के तहत बेचे जाते हैं, और इसके प्रमुख उप-ब्रांडों के तहत भी इसकी विभिन्न श्रेणियां हैं. कंपनी का नेटवर्क 39 खुदरा स्टोर्स के साथ फैला हुआ है, और ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से भी इसकी पहुंच और अधिक व्यापक हो गई है.

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लेखक के बारे में

Published by: Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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