Stock Market: भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला सप्ताह काफी अहम रहने वाला है. निवेशकों की नजर एक साथ कई बड़े घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों पर रहेगी, जिनमें महंगाई के आंकड़े, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कंपनियों के तिमाही नतीजे और वैश्विक बाजार का रुख शामिल हैं. इन संकेतों के आधार पर ही बाजार की दिशा तय होने की संभावना है. विश्लेषकों का मानना है कि इस सप्ताह बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि निवेशक आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों के आधार पर अपनी रणनीति तय करेंगे.
महंगाई और फॉरेक्स डेटा पर रहेगी खास नजर
इस सप्ताह निवेशकों का ध्यान 12 फरवरी को आने वाले खुदरा मुद्रास्फीति (Inflation) के आंकड़ों और 13 फरवरी को जारी होने वाले विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) के डेटा पर रहेगा. ये आंकड़े देश की आर्थिक स्थिति और आगे की मौद्रिक नीतियों के संकेत देंगे, जिसका असर शेयर बाजार पर पड़ सकता है.
तिमाही नतीजों का बाजार पर असर
कई बड़ी कंपनियां इस सप्ताह अपने तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित करेंगी. इनमें टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अशोक लेलैंड, ओएनजीसी, बजाज इलेक्ट्रिकल्स और आयशर मोटर्स जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल हैं. इनके प्रदर्शन से अलग-अलग सेक्टर और समग्र बाजार की धारणा प्रभावित हो सकती है.
वैश्विक बाजार और अमेरिकी आंकड़ों पर नजर
वैश्विक स्तर पर निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और नैस्डैक कंपोजिट के प्रदर्शन पर बनी रहेगी. हालिया उतार-चढ़ाव के बाद अमेरिकी टेक शेयरों की दिशा भारतीय बाजार को भी प्रभावित कर सकती है. इसके अलावा भू-राजनीतिक घटनाक्रम और उनका जिंस (कमोडिटी) बाजार पर असर भी महत्वपूर्ण रहेगा.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का असर
भारत और अमेरिका ने हाल ही में एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति जताई है, जिसके तहत कई उत्पादों पर आयात शुल्क कम किए जा सकते हैं. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ने की संभावना है और इसका सकारात्मक असर बाजार की धारणा पर पड़ सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि आम बजट 2026-27 और रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के फैसलों के बाद भारतीय शेयर बाजार अब स्थिरता के दौर में प्रवेश कर रहा है. निवेशक अब सरकार के पूंजीगत खर्च और उसके वास्तविक क्रियान्वयन की रफ्तार पर ध्यान दे रहे हैं.
पिछले हफ्ते बाजार में मजबूत तेजी
पिछले सप्ताह शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला. बीएसई सेंसेक्स करीब 2,857 अंक यानी लगभग 3.5 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी में भी करीब 868 अंकों यानी लगभग 3.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. अब बाजार की आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि आने वाले आर्थिक आंकड़े, वैश्विक संकेत और कंपनियों के नतीजे निवेशकों की उम्मीदों पर कितने खरे उतरते हैं.
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