मिडिल ईस्ट की जंग ने डुबोए निवेशकों के ₹22 लाख करोड़; 1300 अंक टूटा सेंसेक्स

Share Market Close: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण 9 मार्च को भारतीय शेयर बाजार धराशायी हो गया. सेंसेक्स 1353 अंक गिरा और निवेशकों के ₹22 लाख करोड़ डूब गए. कच्चे तेल की कीमतें $115 के पार पहुंचने से देश में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है.

Share Market Close: आज यानी 9 मार्च को भारतीय शेयर बाजार के लिए ‘ब्लैक मंडे’ जैसा माहौल रहा. अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है. बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दौर चला कि सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए.

मार्केट का हाल

  • सेंसेक्स: 77,566 ▼ 1,353 (1.71%)
  • निफ्टी: 24,028 ▼ 422 (1.73%)
  • मिड कैप 100: 56,266 ▼ 1,128 (1.97%)
  • स्मॉल कैप 100: 16,132 ▼ 367 (2.22%)

निफ्टी टॉप गेनर

शेयरकरंट प्राइसकितना बढ़ाचेंज %
विप्रो₹199₹31.64% ↑
रिलायंस₹1,419₹140.98% ↑
अपोलो हॉस्पि.₹7,791₹670.86% ↑

निफ्टी टॉप लूजर

शेयरकरंट प्राइसकितना घटाचेंज %
TMPV₹332₹195.27% ↓
अल्ट्राटेक सीमेंट₹11,358₹6295.25% ↓
मारुति₹13,498₹6614.67% ↓

निवेशकों की जेब खाली: ₹22 लाख करोड़ स्वाहा

युद्ध की आहट ने निवेशकों की संपत्ति (Wealth) को जबरदस्त चोट पहुंचाई है. आंकड़ों की मानें तो पिछले 10 दिनों में निवेशकों के ₹22 लाख करोड़ से ज्यादा डूब चुके हैं.

बाजार गिरने की 3 बड़ी वजहें

  • सप्लाई चेन का डर: ईरान और इजराइल की लड़ाई से दुनिया भर में सामान की आवाजाही (Supply Chain) रुकने का खतरा है. अगर रास्ता बंद हुआ तो सामान नहीं पहुंचेगा.महंगा तेल,
  • महंगी जिंदगी: भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल बाहर से खरीदता है. तेल महंगा होने का मतलब है, महंगा पेट्रोल, महंगी माल ढुलाई और फिर हर चीज की बढ़ती कीमतें.
  • ग्लोबल प्रेशर: जब अमेरिका और एशिया के बड़े बाजारों में गिरावट आती है, तो भारतीय बाजार भी उससे अछूता नहीं रहता.

10 दिन में 50% की छलांग!

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों ने आग पकड़ ली है. आज कारोबार के दौरान तेल 115 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया. हालांकि बाद में यह 105 डॉलर के आसपास आया, लेकिन पिछले 10 दिनों में इसमें 50% की तेजी आई है.

क्या पेट्रोल महंगा होगा ?

जानकारों का मानना है कि अगर तेल की कीमतें $150 तक पहुंचती हैं, तो भारत में पेट्रोल-डीजल 5 से 6 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है. हालांकि, सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हमारे पास तेल का पर्याप्त स्टॉक है, इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है.

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लेखक के बारे में

Published by: Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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