Stock Market : 7 मई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में दिन भर ‘नूरा-कुश्ती’ का माहौल रहा. निवेशकों की सावधानी और विदेशी कोषों की लगातार निकासी के कारण बाजार किसी एक दिशा में टिक नहीं पाया. अंततः, सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी लगभग अपने पुराने स्तर पर ही बना रहा.
बाजार के अंतिम आंकड़े
- सेंसेक्स (Sensex): 114 अंक (0.15%) की गिरावट के साथ 77,844.52 पर बंद. (दिन के दौरान इसने 78,384 का हाई और 77,713 का लो लेवल देखा).
- निफ्टी (Nifty): मात्र 4.30 अंक (0.02%) फिसलकर 24,326.65 पर बंद हुआ.
गिरावट के मुख्य कारण
- विदेशी निवेशकों की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को ₹5,834.90 करोड़ के शेयर बेचे, जिसका दबाव आज भी बाजार पर महसूस किया गया.
- ईरान की प्रतिक्रिया का इंतजार: निवेशक इस बात को लेकर सतर्क हैं कि अमेरिका द्वारा दिए गए शांति प्रस्ताव पर ईरान क्या रुख अपनाता है. जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, बाजार में जोखिम लेने की क्षमता कम दिख रही है.
- कमजोर वैश्विक संकेत: दोपहर के कारोबार में यूरोपीय बाजारों में गिरावट रही, जिसने घरेलू निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया.
कच्चे तेल से मिली राहत
राहत की बात यह रही कि अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 2.23% गिरकर 99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. तेल की कीमतों का 100 डॉलर से नीचे आना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है.
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं ?
‘एनरिच मनी’ के CEO पोनमुडी आर के अनुसार, बाजार के स्थिर रहने की बड़ी वजह भू-राजनीतिक अनिश्चितता है. वहीं, लेमन मार्केट्स के विश्लेषक गौरव गर्ग का मानना है कि विदेशी निवेशकों की निरंतर निकासी ने बाजार पर दबाव बनाया है, जिससे निवेशकों में जोखिम लेने की धारणा कम हुई है.
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