524 अंक लुढ़का सेंसेक्स, निफ्टी भी फिसला, जानें मार्केट क्यों हुआ लाल

Indian Stock Market: अगर आप भी शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करते हैं या रोज अपने म्यूचुअल फंड और स्टॉक का हाल देखते हैं, तो मंगलवार की शुरुआत आपके लिए अच्छी खबर लेकर नहीं आई.

Indian Stock Market: सुबह मार्केट खुलते ही गिरावट देखने को मिली. इसकी सबसे बड़ी वजह रही मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल. इन वैश्विक चिंताओं के कारण इन्वेस्टर्स ने सावधानी बरतते हुए बिकवाली शुरू कर दी. 

मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार लाल निशान में खुला. BSE सेंसेक्स 524.12 अंक यानी 0.68% गिरकर 77,092.28 अंक पर पहुंच गया. वहीं, NSE निफ्टी 50 में 145.20 अंक यानी 0.60% की गिरावट आई और यह 24,065.80 अंक पर कारोबार करता दिखा. 

मार्केट में गिरावट क्यों आई?

शेयर मार्केट में उतार-चढ़ाव कई कारणों से आता है, लेकिन इस बार सबसे बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय हालात का देखने को मिला. मिडिल ईस्ट में बढ़ता सैन्य तनाव, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों का सख्त रुख और आने वाले महंगाई आंकड़ों को लेकर इन्वेस्टर्स में चिंता बढ़ गई है. मार्केट और बैंकिंग एक्सपर्ट अजय बग्गा के मुताबिक, इस समय ग्लोबल मार्केट्स में काफी उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं ने घरेलू मार्केट की दिशा पर असर डाला है, जबकि अमेरिका में कंपनियों के तिमाही नतीजों का सीजन भी शुरू हो चुका है. उन्होंने यह भी बताया कि मिडिल ईस्ट तनाव, सख्त मौद्रिक नीति और महंगाई से जुड़े आंकड़ों ने मार्केट में ‘रिस्क से बचने’ वाला माहौल बना दिया है. 

कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से क्यों बढ़ी चिंता?

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर सिर्फ पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर कंपनियों की लागत और महंगाई पर भी पड़ सकता है. यही वजह है कि जब क्रूड महंगा होता है तो शेयर मार्केट में चिंता बढ़ जाती है. मंगलवार को कमोडिटी बाजार में तेजी देखने को मिली.

कमोडिटीकीमत
ब्रेंट क्रूड1.88% बढ़कर 84.86 डॉलर प्रति बैरल
क्रूड ऑयल2.24% बढ़कर 79.89 डॉलर प्रति बैरल
सोना0.34% बढ़कर 4,015.28 डॉलर प्रति औंस

वहीं, सेफ इन्वेस्टमेंट माने जाने वाले सोने में भी तेजी देखने को मिली.

क्या दुनिया के दूसरे मार्केट्स भी दबाव में हैं?

इंडियन मार्केट खुलने से पहले ही एशियाई बाजारों से कमजोरी के संकेत मिल रहे थे. ज्यादातर बड़े मार्केट्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे. 

इंडेक्सबदलाव
ताइवान वेटेड3.81% गिरा
कोस्पी (दक्षिण कोरिया)3.51% गिरा
निक्केई 225 (जापान)गिरावट में
हैंगसेंग (हांगकांग)कमजोरी में
शंघाई कंपोजिटलाल निशान में

हालांकि, इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट इस गिरावट के बीच 0.66% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा. अमेरिकी बाजारों में भी दबाव देखने को मिला. डाउ जोंस फ्यूचर्स 167.87 अंक गिरकर 52,330.77 पर रहा. वहीं, S&P 500 और नैस्डैक में भी गिरावट दर्ज की गई. 

इन्वेस्टर्स के लिए कौन-से स्तर जरूरी हैं?

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान के अनुसार, अभी बाजार के लिए कुछ स्तर बेहद अहम हैं. 

  • निफ्टी के लिए 24,000 और सेंसेक्स के लिए 77,000 अंक मजबूत सपोर्ट जोन हैं.
  • अगर मार्केट इन स्तरों के ऊपर बना रहता है तो बड़ी गिरावट का खतरा कम रहेगा.
  • निफ्टी के लिए 24,275 और सेंसेक्स के लिए 77,800 अंक तत्काल रेजिस्टेंस स्तर हैं.
  • इन स्तरों को पार करने पर निफ्टी 24,350-24,400 और सेंसेक्स 78,000-78,200 तक पहुंच सकता है.
  • अगर निफ्टी 24,000 और सेंसेक्स 77,000 के नीचे जाता है, तो मार्केट में और कमजोरी देखने को मिल सकती है.

फिलहाल शेयर मार्केट की चाल पर मिडिल ईस्ट तनाव, कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक बाजारों का रुख और आने वाले आर्थिक आंकड़ों का सबसे ज्यादा असर रहेगा. इन्वेस्टर्स की नजर अब इस बात पर है कि मार्केट इन अहम सपोर्ट स्तरों को संभाल पाता है या नहीं. 

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लेखक के बारे में

Published by: Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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