Rules change from 1 April 2024: जल्दी करवा लें फास्टैग केवाईसी, नुकसान से बचने के लिए जान लें ये काम की बात

Rules Change 1 April 2024 : यदि आप फास्टैग (Fastag) यूज करते हैं तो ये खबर आपके लिए खास है. जी हां...इसके केवाईसी करवाने की अंतिम तारीख आ गई है. जान लें काम की बात

Rules Change 1 April 2024 : मार्च का महीना खत्म होने को हैं. इसके बाद नये कारोबारी साल की शुरूआत हो जाएगी. यानी अप्रैल का महीना शुरू हो जाएगा. नये कारोबारी साल की शुरुआत के साथ ही पैसों से जुड़े कई नियम बदलने वाले हैं जिसकी जानकारी आपको होनी चाहिए. खासकर फास्टैग (Fastag) से जुड़े नियमों के बारे में आप जान लें नहीं तो आपको नुकसान हो सकता है.

दरअसल, 1 अप्रैल 2024 से फास्टैग से जुड़े नियमों में बदलाव देखने को मिलेगा. यदि आप फास्टैग यूज करते हैं और आपने इसे अबतक अपडेट नहीं करवाया…तो जल्दी ये काम करवा लें, नहीं तो 31 मार्च 2024 तक फास्टैग केवाईसी (Fastag KYC) अपडेट नहीं करवाने पर परेशानी बढ़ जाएगी. बिना केवाईसी वाले फास्टैग को बैंक डीएक्टिव करने का काम करेगी. यानी यदि फास्टैग में बैलेंस है तब भी उसके जरिये भुगतान आप करने में सक्षम नहीं होंगे. आपको बता दें कि NHAI ने फास्टैग केवाईसी को जरूरी कर दिया है.

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फास्टैग आखिर होता क्या है?

कुछ लोगों के मन में अकसर सवाल आता है कि आखिर ये फास्टैग (FASTag) होता क्या है और ये कैसे काम करता है. तो आपको बता दें कि फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम है. इस सिस्टम की बात करें तो ये रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) टेक्नोलॉजी पर आधारित होती है. फास्टैग को अधिकृत बैंक द्वारा जारी किया जाता है जो टोल गेट में काम करता है और पैसे आपके बैंक अकाउंट से खुद कट जाते है. टोल गेट पर इस टेक्नोलॉजी के आने के बाद भीड़ कम नजर आती है. विंडस्क्रीन पर इसे चिपकाया जाता है और राष्ट्रीय राजमार्गों के सभी टोल प्लाजा पर रीडर्स लगा होता है. इसकी सहायता से टैग स्कैन होता है और चार्ज कट जाता है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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