रातोंरात भारत की सबसे अमीर महिला बनीं ये लेडी, नीता अंबानी को छोड़ दिया पीछे

Roshni Nadar Net Worth: एचसीएल ग्रुप के संस्थापक शिव नादर की बेटी रोशनी नादर रातोंरात अंबानी फैमिली यानी नीता अंबानी से भी अधिक अमीर महिला बन गईं. इसका कारण यह है कि शिव नादर ने रोशनी नादर को अपनी की करीब 47 फीसदी हिस्सेदारी दे दी है. इससे उनकी कुल संपत्ति में रातोंरात बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई.

Roshni Nadar Net Worth: एचसीएल ग्रुप के फाउंडर शिव नादर की बेटी रोशनी नादर रातोंरात भारत की सबसे अमीर महिला बन गई हैं. ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स के अनुसार, रोशनी नादर ने अपने पिता से एचसीएल का 47% हिस्सा हासिल किया है. इसके बाद वह एचसीएल की सबसे बड़ी शेयर होल्डर बन गईं. इस हिस्सेदारी के बाद रोशनी नादर न केवल एशिया की सबसे अमीर महिला बन गईं, बल्कि वह दुनिया की 5वीं सबसे अमीर महिला भी बन गई हैं.

रोशनी नादर की बढ़ती संपत्ति

ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, रोशनी नादर की कुल संपत्ति 35.9 अरब डॉलर (करीब 31,30,31,34,67,080 रुपये) हो गई है. यह संपत्ति मिलने के बाद उन्होंने मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी और दूसरी महिला उद्योगपतियों जैसे सावित्री जिंदल और अजीज प्रेमजी को भी पीछे छोड़ दिया है. हालांकि, अंबानी और अदाणी परिवार की संपत्ति रोशनी से कहीं अधिक है, लेकिन वह उनके बाद तीसरी सबसे अमीर शख्सियत बन गईं हैं.

रोशनी नादर का एचसीएल से जुड़ा सफर

रोशनी नादर ने 2020 में एचसीएल टेक्नोलॉजीज की कमान संभाली और भारत की पहली महिला बनीं, जो किसी लिस्टेड आईटी कंपनी की अध्यक्ष बनीं. एचसीएल टेक्नोलॉजीज में उनके योगदान ने कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. इसके अलावा, उन्हें वामा दिल्ली की 12.94% हिस्सेदारी और एचसीएल कॉर्प की 49.94% हिस्सेदारी मिली, जिससे उनकी संपत्ति में तेजी से इजाफा हुआ.

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रोशनी नादर का करियर

रोशनी नादर का करियर पत्रकारिता से शुरू हुआ था, जहां उन्होंने सीएनएन और स्काई न्यूज जैसे बड़े मीडिया हाउस में काम किया. बाद में वह अपने पारिवारिक व्यवसाय एचसीएल में शामिल हो गईं. रोशनी नादर एक ट्रेंड शास्त्रीय संगीतकार भी हैं और वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण में गहरी रुचि रखती हैं. 2018 में उन्होंने अपने पति शिखर मल्होत्रा के साथ “द हैबिटैट्स ट्रस्ट” की स्थापना की, जिसका उद्देश्य जैव विविधता और प्राकृतिक आवासों की रक्षा करना है.

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रोशनी नादर की सामाजिक पहल

रोशनी नादर शिव नादर फाउंडेशन की ट्रस्टी हैं, जो शिक्षा के क्षेत्र में काम करता है. यह संस्था आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करती है, जिससे उनकी सफलता समाज के लिए प्रेरणा बनती है.

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लेखक के बारे में

Published by: Kumarvishwat sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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