RBI New Rules: डिजिटल फ्रॉड को रोकने और ग्राहकों को सशक्त बनाने के लिए RBI ने ई-मेंडेट (Recurring Payments) के सिस्टम को पूरी तरह बदल दिया है. अब बैंकों को विदेशी कंपनियों को भुगतान करने से पहले आपसे इजाजत लेनी होगी.
24 घंटे पहले आएगा ‘वॉर्निंग’ मैसेज
अब जब भी आपके कार्ड या UPI से किसी विदेशी सर्विस (जैसे Apple, Amazon Prime) के पैसे कटने वाले होंगे, तो बैंक आपको 24 घंटे पहले एक अलर्ट भेजेगा. इस अलर्ट में ये बातें साफ लिखी होंगी:
- किस कंपनी को पैसे जा रहे हैं.
- कितनी राशि काटी जा रही है.
- पैसे कटने का सही समय और तारीख.
- ई-मेंडेट का रेफरेंस नंबर.
पेमेंट की लिमिट और वेरिफिकेशन
RBI ने ट्रांजैक्शन की सुरक्षा के लिए लिमिट तय कर दी है:
- ₹15,000 तक: सामान्य पेमेंट के लिए एडिशनल ऑथेंटिकेशन की जरूरत नहीं होगी, लेकिन अलर्ट जरूर आएगा.
- ₹15,000 से ज्यादा: इस राशि से ऊपर के हर ट्रांजैक्शन के लिए बैंक को आपसे OTP (AFA) के जरिए वेरिफिकेशन करना अनिवार्य होगा.
- ₹1 लाख तक: क्रेडिट कार्ड बिल, इंश्योरेंस और म्यूचुअल फंड के लिए यह लिमिट ₹1 लाख तय की गई है.
पैसे कट गए तो रिफंड कैसे मिलेगा ?
अगर आपके खाते से गलत तरीके से पैसे कट जाते हैं, तो डरने की जरूरत नहीं है:
- 3 दिन के भीतर रिपोर्ट: अगर आप 3 वर्किंग डेज में शिकायत करते हैं, तो आपकी ‘जीरो लायबिलिटी’ होगी और पूरा रिफंड मिलेगा.
- 4 से 7 दिन की देरी: इस स्थिति में आपको ₹5,000 से ₹25,000 तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है (खाते के प्रकार के आधार पर).
- 7 दिन के बाद: रिफंड बैंक की अपनी पॉलिसी पर निर्भर करेगा.
कुछ जरूरी बातें
- कोई चार्ज नहीं: बैंक इस ई-मेंडेट सुविधा के लिए आपसे कोई फीस नहीं वसूल सकते.
- कार्ड बदलने पर: अगर आपका कार्ड एक्सपायर हो गया है और नया कार्ड आया है, तो पुराने ऑटो-पेमेंट अपने आप नए कार्ड पर शिफ्ट हो जाएंगे.
- छूट: FASTag और NCMC के ऑटो-रिफिल पर 24 घंटे पहले वाले नोटिफिकेशन की जरूरत नहीं है.
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