आरबीआई के एक्शन पर Paytm के संस्थापक का छलका दर्द, बोले- सबक मिला

Paytm: पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि मैं कहूंगा कि पेशेवर स्तर पर हमें बेहतर करना चाहिए था. इसमें कोई बात छिपी नहीं है. हमारे ऊपर जिम्मेदारियां थीं.

Paytm: अभी हाल के महीनों में मोबाइल ऐप आधारित ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम पेटीएम (Paytm) और पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की कार्रवाई के बाद पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा का दर्द छलक आया. उन्होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत के पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर आरबीआई की कार्रवाई से मिली सीख के बारे में अनुभव साझा किया. उन्होंने यह स्वीकार किया कि आरबीआई की कार्रवाई व्यक्तिगत स्तर पर उनके लिए एक भावनात्मक झटका था, जबकि पेशेवर स्तर पर उन्हें जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने का सबक मिला.

बेहतर तरीके से निभानी चाहिए थी जिम्मेदारी

पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा कि मैं कहूंगा कि पेशेवर स्तर पर हमें बेहतर करना चाहिए था. इसमें कोई बात छिपी नहीं है. हमारे ऊपर जिम्मेदारियां थीं. हमें उन्हें और बेहतर तरीके से निभाना चाहिए था. पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की कार्रवाई के बारे में पूछा गया था.

मेरी कंपनी मेरी बेटी की तरह है: विजय शेखर शर्मा

उन्होंने कहा कि वह इससे भी अधिक चुनौतीपूर्ण वक्त से गुजर चुके हैं. उन्होंने कहा कि जब मैं 2013-14 के आसपास फंड जुटा रहा था, तब हमारे फंड खत्म हो रहे थे. मैंने सोचा कि अगर हम खत्म हो गए, तो किसी को कोई परेशानी नहीं होगी. आज यह बात मायने रखती है. एक संस्थापक के रूप में मेरी कंपनी मेरी बेटी की तरह है. एक कंपनी के रूप में हम परिपक्व हो रहे हैं. यह ऐसा है, जैसे स्कूल में टॉप करने वाली बेटी किसी प्रवेश परीक्षा के रास्ते में दुर्घटना का शिकार हो गई हो. यह एक ऐसा एहसास है, जो थोड़ा व्यक्तिगत भावनात्मक है.

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सरकार की स्टार्टअप पॉलिसी की सराहना की

पेटीएम के संस्थापक ने मीडिया से बातचीत के दौरान सरकार की स्टार्टअप पॉलिसी की सराहना भी की. उन्होंने कहा कि सरकार ने स्टार्टअप को मुख्यधारा में शामिल करके उनके लिए स्वर्णिम काल की शुरुआत कर दी. यह उन दिनों की बात है, जब स्टार्टअप को करियर के तौर पर अपनाने के मामले में सबसे निचले पायदान पर रखा जाता था. तब से लेकर अब के समय में आश्चर्यजनक तरीके से बदलाव आया है. उन्होंने कहा कि आज का भारत उस समय के भारत से काफी आगे बढ़ गया है.

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पेटीएम का टोल फ्री नंबर क्या है?

पेटीएम से किसी भी प्रश्न या समस्या के लिए आप BHIM टोल-फ्री नंबर 1800 120 1740 पर कॉल कर सकते हैं.

पेटीएम पर ऑनलाइन पैसा कैसे मंगाए?

सबसे पहले आपको गूगल प्ले स्टोर से Paytm एप्लीकेशन इंस्टॉल कर लेना है. ऐप इंस्टॉल हो जाने के बाद इसे ओपन करके मोबाइल नंबर के माध्यम से Sign Up कर लेना है. साइन अप हो जाने के बाद आपको पेटीएम के डैशबोर्ड में Add Bank Account का विकल्प मिलेगा. इस पर क्लिक करके आपको अपना बैंक खाता पेटीएम से लिंक कर लेना है.

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लेखक के बारे में

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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