Vande Bharat: पटना-रांची वंदे भारत ट्रेन कब से चलेगी? रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिये ये संकेत

Patna-Ranchi Vande Bharat|पटना-रांची वंदे भारत को लेकर कई तरह के कयास लगाये जा रहे हैं. मीडिया में दो बार डेट भी आ गयी. लेकिन, ट्रेन अब तक नहीं चली. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के संकेत बता रहे हैं कि जल्द ही बिहार और झारखंड के बीच भी वंदे भारत ट्रेन दौड़ने लगेगी. पढ़ें लेटेस्ट अपडेट...

Patna-Ranchi Vande Bharat: पूर्वी भारत के दो राज्यों को वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात मिल चुकी है. पश्चिम बंगाल को 2 वंदे भारत ट्रेनें मिल चुकीं हैं, जबकि ओडिशा को एक वंदे भारत ट्रेन मिली है. सभी राज्यों से इस अत्याधुनिक ट्रेन की डिमांड आ रही है. झारखंड और बिहार के बीच भी एक वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत होनी है. रांची और पटना के बीच यह ट्रेन चलेगी, लेकिन कब से? भारतीय रेलवे की ओर से इसकी घोषणा नहीं की गयी है, लेकिन रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसके संकेत जरूर दे दिये हैं.

रेल मंत्री के बयान से बिहार-झारखंड के लोगों में खुशी की लहर

अश्विनी वैष्णव के संकेत के बाद झारखंड और बिहार के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गयी है. पिछले दिनों जब ओडिशा में स्थित भगवान जगन्नाथ की नगरी पुरी से पश्चिम बंगाल में मां काली की नगरी कोलकाता (हावड़ा) के बीच वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखायी गयी, तो रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जो बातें कहीं, उससे झारखंड और बिहार के लोगों में उम्मीद जगी है कि बहुत जल्द पटना-रांची के बीच भी वंदे भारत ट्रेन दौड़ेगी.

पीएम मोदी का लक्ष्य – जून तक हर राज्य को मिले वंदे भारत ट्रेन : रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव

झारखंड और बिहार के लोग, खासकर रांची और पटना की यात्रा करने वाले रेल यात्री इस ट्रेन की शुरुआत की तारीख जानना चाहते हैं. वे जानना चाहते हैं कि आखिर कब से पटना-रांची वंदे भारत ट्रेन चलेगी. आपको बता दें कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पिछले दिनों ही कह दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून 2023 तक सभी राज्यों में कम से कम एक वंदे भारत ट्रेन देना चाहते हैं.

हटिया स्टेशन पर जोर-शोर से चल रही है तैयारी

रेल मंत्री के बयान के बाद पटना और रांची की यात्रा करने वाले लोगों को उम्मीद है कि अगले महीने तक पटना-रांची वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत हो जायेगी. राजधानी रांची के हटिया स्टेशन पर तैयारियां जोर-शोर से चल रही है. हालांकि, दक्षिण पूर्व रेलवे रांची मंडल की ओर से इस ट्रेन के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गयी है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि 25 अप्रैल से रांची-पटना वंदे भारत ट्रेन की शुरुआत होसकती है. बाद में तारीख बदलकर 10 मई कर दी गयी, लेकिन ट्रेन अभी तक शुरू नहीं हुई है.

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6:30 घंटे में पूरा हो जायेगी रांची से पटना की यात्रा

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के हालिया बयान के बाद उम्मीद है कि जल्द ही पटना-रांची वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत की तारीख जारी होगी. हालांकि, इसका रूट तय हो गया है. बताया जा रहा है कि यह ट्रेन धनबाद के रास्ते नहीं, हजारीबाग, कोडरमा, गया, जहानाबाद के रास्ते रांची से पटना तक चलेगी. यह ट्रेन हटिया से दिन में 2:30 बजे खुलेगी और टाटीसिल्वे, बरकाकाना, हजारीबाग टाउन, कोडरमा, गया व जहानाबाद होते हुए रात को 9 बजे पटना पहुंच जायेगी.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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