One Household One Gas Connection: अगर आप भी रसोई में एलपीजी सिलेंडर और पाइप वाली गैस (PNG) दोनों का इस्तेमाल एक साथ कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. भारत सरकार ने ‘एक घर, एक गैस कनेक्शन’ की नीति को सख्ती से लागू करने की तैयारी कर ली है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एलपीजी (आपूर्ति और वितरण विनियमन) आदेश, 2026 में संशोधन किया है, जिसके तहत अब एक ही घर में दोनों तरह के कनेक्शन रखना मुश्किल होगा.
इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य गैस सब्सिडी के गलत इस्तेमाल को रोकना और शहरों में पीएनजी के उपयोग को बढ़ावा देना है. आइए जानते हैं कि इस बदलाव का आपकी जेब और रसोई पर क्या असर पड़ेगा.
क्या अब सिलेंडर वापस करना होगा?
नया नियम साफ कहता है कि जिन घरों में पीएनजी (PNG) कनेक्शन एक्टिव है, वे अब सरकारी तेल कंपनियों जैसे इंडेन, भारत गैस या एचपी से घरेलू एलपीजी सिलेंडर नहीं ले सकेंगे. अगर आपके पास दोनों कनेक्शन हैं, तो आपको सिलेंडर वाला कनेक्शन सरेंडर करना पड़ सकता है. सरकार ऐसी पहचान कर रही है जहां दोनों सुविधाएं ली जा रही हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो शहरी इलाकों में 30 जून 2026 से पहले इस पर सख्ती शुरू हो सकती है.
पीएनजी कनेक्शन ही क्यों है बेहतर?
सरकार का मानना है कि पीएनजी, सिलेंडर के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और सुविधाजनक है. इसमें न तो खत्म होने की चिंता रहती है और न ही बार-बार बुकिंग या डिलीवरी का झंझट. पाइप के जरिए सीधी सप्लाई होने से लीकेज का खतरा भी कम होता है. इसी वजह से शहरों में इसे ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है.
नया PNG कनेक्शन कैसे लगवाएं?
अगर आपके इलाके में पाइपलाइन की सुविधा है, तो आप आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
- अपने शहर की गैस एजेंसी की वेबसाइट पर जाएं.
- घरेलू पीएनजी का फॉर्म भरें.
- पहचान पत्र (Aadhaar/Voter ID), एड्रेस प्रूफ और घर के डॉक्युमेंट्स अपलोड करें.
- सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करें.
- इसके बाद टीम आपके घर का निरीक्षण करेगी और मीटर लगा देगी.
क्या सभी के लिए है यह नियम?
ध्यान रहे कि यह नियम फिलहाल उन्हीं इलाकों के लिए है जहां पीएनजी की पाइपलाइन बिछ चुकी है. ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में, जहां अभी पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां एलपीजी सिलेंडर की व्यवस्था पहले की तरह ही चलती रहेगी. इसलिए सिलेंडर सरेंडर करने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि आपके मोहल्ले में पीएनजी सर्विस चालू हुई है या नहीं. सरकार का लक्ष्य धीरे-धीरे पूरे देश के शहरी क्लस्टर्स को इस सिस्टम से जोड़ना है.
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