Old vs New Income Tax Regime: अक्सर लोग सोचते हैं कि सरकार धीरे-धीरे पुराने टैक्स सिस्टम (Old Tax Regime) को खत्म कर देगी, लेकिन 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए ड्राफ्ट नियम कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं. अगर आप सैलरीड क्लास हैं, निवेश करते हैं या होम लोन चुका रहे हैं, तो पुराना सिस्टम आपके लिए 1.25 लाख रुपये तक की बचत का मौका लेकर आ रहा है.
आखिर पुराने सिस्टम में ऐसा क्या खास है ?
पिछले कुछ सालों में लोग नए सिस्टम (New Tax Regime) की तरफ इसलिए भागे क्योंकि वहां कागजी कार्रवाई कम थी. लेकिन नए सिस्टम में एक बड़ी कमी है. वहां आपको कोई छूट (Deductions) नहीं मिलती. न HRA, न 80C का निवेश और न ही होम लोन पर कोई फायदा.
20 लाख की सैलरी पर कितनी बचत ?
मान लीजिए आपकी सालाना सैलरी 20 लाख रुपये है. आइए देखें कि पुराने और नए सिस्टम में कितना अंतर आएगा.
| स्टेप | विवरण (पुराना सिस्टम) | राशि (रुपये) |
| 1 | ग्रॉस सैलरी | 20,00,000 |
| 2 | स्टैंडर्ड डिडक्शन (Standard Deduction) | – 50,000 |
| 3 | निवेश और बीमा (80C + 80D) | – 1,75,000 |
| 4 | घर का किराया (HRA) | – 2,50,000 |
| 5 | होम लोन का ब्याज (Section 24) | – 2,00,000 |
| 6 | कुल टैक्सेबल इनकम | 13,25,000 |
टैक्स का अंतर
- पुराना सिस्टम: टैक्स बनता है लगभग 2,10,000 रुपये.
- नया सिस्टम: (बिना किसी छूट के) टैक्स बनता है लगभग 3,35,000 रुपये.
- कुल बचत: पुराने सिस्टम में रहने पर आपको 1,25,000 रुपये का सीधा फायदा हो सकता है.
1 अप्रैल 2026 से क्या-क्या बदल जाएगा ?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने टैक्स के ढांचे को और आसान बनाने की कोशिश की है.
- एक ही ‘टैक्स ईयर’: अब ‘Assessment Year’ और ‘Previous Year’ का झमेला खत्म होगा. सिर्फ एक ‘टैक्स ईयर’ चलेगा, जिससे रिपोर्टिंग आसान हो जाएगी.
- आईटीआर (ITR) की डेडलाइन: साधारण सैलरी वालों के लिए 31 जुलाई ही रहेगी, लेकिन बिजनेस करने वालों को थोड़ा और समय मिलेगा.
- रिटर्न सुधारने का मौका: अगर रिटर्न भरने में कोई गलती हो गई है, तो उसे सुधारने (Revise) का समय 9 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दिया गया है.
- ऑफिस आने-जाने का खर्च: नियोक्ता (Employer) द्वारा ऑफिस से घर आने-जाने के लिए दिए जाने वाले कन्वेंस खर्च पर अब टैक्स नहीं लगेगा.
- गिफ्ट और खाने के कूपन: गिफ्ट की छूट सीमा 5,000 से बढ़ाकर 15,000 और मील लिमिट (Meal limits) 50 से बढ़ाकर 200 रुपये करने का प्रस्ताव है.
Also Read : 1 अप्रैल से बदल जाएंगे SBI कैशबैक कार्ड के नियम, रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम करना होगा मुश्किल
