बजट 2026 : मंगलवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक में ‘हलवा सेरेमनी’ में हिस्सा लिया. इस रस्म का मतलब यह है कि अब बजट छपने की तैयारी पूरी हो चुकी है और 1 फरवरी को लोकसभा में इसे पेश किया जाएगा.
पुराने बेसमेंट में लौटी टीम
एक मजेदार बात यह है कि इस बार बजट बनाने वाली टीम को वापस नॉर्थ ब्लॉक के पुराने बेसमेंट में जाना पड़ा. दरअसल, वित्त मंत्रालय का ऑफिस तो नए ‘कर्तव्य भवन’ में शिफ्ट हो गया है, लेकिन वहां अभी प्रिंटिंग प्रेस (छपाई की मशीनें) नहीं लगी हैं. इसलिए बजट की सीक्रेसी (गोपनीयता) बनाए रखने के लिए टीम को पुराने बेसमेंट में आना पड़ा.
अब शुरू हुआ ‘नजरबंदी’ का दौर
हलवा बंटते ही बजट बनाने वाले अफसरों और कर्मचारियों का ‘लॉक-इन’ पीरियड शुरू हो गया है.
इसका मतलब है कि अब बजट पेश होने तक ये लोग नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में ही कैद रहेंगे.
न ये घर जा सकते हैं और न ही फोन पर किसी बाहरी व्यक्ति से बात कर सकते हैं.
यह सब इसलिए किया जाता है ताकि बजट की कोई भी खबर बाहर लीक न हो.
निर्मला सीतारमण का 9वां बजट
1 फरवरी को निर्मला सीतारमण अपना 9वां बजट पेश करेंगी. जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था डगमगा रही है, तब भारत की रफ्तार 7.6% रहने की उम्मीद है. ऐसे में मिडिल क्लास और टैक्स भरने वालों को उम्मीद है कि इस बार उन्हें कुछ बड़ी राहत मिलेगी.
इस बार भी होगा ‘डिजिटल बजट’
पिछले कुछ सालों की तरह इस बार भी बजट कागज पर नहीं, बल्कि डिजिटल होगा.
जैसे ही संसद में भाषण खत्म होगा, आप ‘यूनियन बजट मोबाइल ऐप’ पर सारा डेटा देख पाएंगे.
यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी दोनों में है और मोबाइल पर आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है.
क्यों मनाते हैं हलवा सेरेमनी?
हमारे यहां कोई भी शुभ काम करने से पहले ‘मुंह मीठा’ करने का रिवाज है. बजट देश का सबसे बड़ा आर्थिक लेखा-जोखा है, इसलिए इसकी छपाई शुरू होने से पहले हलवा बनाया जाता है. इसे खाने के बाद ही सभी कर्मचारी बजट पूरा होने तक दुनिया से कट जाते हैं.
Also Read: 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों से तय होगा राज्यों का हिस्सा, जानें क्या बदलेगा
