भारत और न्यूजीलैंड के बीच Free Trade Agreement यानी FTA 20 अक्टूबर 2026 से लागू होने जा रहा है. इस समझौते के बाद न्यूजीलैंड से भारत आने वाले कीवी फल की कीमत पर असर पड़ सकता है. भारत ने न्यूजीलैंड के कीवी के लिए Tariff Rate Quota (TRQ) का प्रावधान किया है, जिसके तहत तय मात्रा में आने वाले कीवी पर इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी.
अभी कीवी पर कितनी इंपोर्ट ड्यूटी लगती है?
भारत में न्यूजीलैंड से आने वाले कीवी पर मौजूदा कस्टम्स ड्यूटी 33% है. FTA के तहत पहले साल न्यूजीलैंड के लिए 6,250 टन कीवी का ड्यूटी-फ्री कोटा तय किया गया है. यह कोटा धीरे-धीरे बढ़ेगा और छठे साल तक 15,000 टन हो जाएगा.
Moneycontrol की रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में कीमत में बड़ी गिरावट की संभावना सीमित रह सकती है. हालांकि, इंपोर्टर अगर ड्यूटी से हुई बचत का हिस्सा आगे बढ़ाते हैं तो ग्राहकों को फायदा मिल सकता है.
भारत में कितनी कीवी आती है?
भारत कीवी की मांग के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है. Moneycontrol ने Tridge के व्यापार आंकड़ों के हवाले से बताया है कि 2024 में भारत ने करीब 49.14 मिलियन किलो यानी लगभग 49,140 टन ताजा कीवी आयात की, जिसकी कीमत करीब 60.51 मिलियन डॉलर थी.
2024 में भारत को कीवी सप्लाई करने वाले प्रमुख देशों में ईरान, चिली, न्यूजीलैंड, ग्रीस और इटली शामिल रहे. इनमें न्यूजीलैंड से भारत ने करीब 5.84 मिलियन किलो यानी 5,840 टन कीवी आयात की थी. भारत सरकार की FTA फैक्टशीट में भी न्यूजीलैंड से 5,840 टन के आयात का आंकड़ा दिया गया है.
न्यूजीलैंड के कीवी के लिए कितना बढ़ेगा कोटा?
पहले साल 6,250 टन कीवी को 0% ड्यूटी वाले कोटे में जगह मिलेगी. यह मात्रा छठे साल तक बढ़कर 15,000 टन हो जाएगी. इसके लिए 1 अप्रैल से 15 अक्टूबर तक की Seasonal Window रखी गई है. यानी आने वाले वर्षों में ज्यादा मात्रा में न्यूजीलैंड का कीवी ड्यूटी-फ्री कोटे के तहत भारत आ सकेगा. इससे बाजार में न्यूजीलैंड के कीवी की प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है.
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कब से लागू होगा नया नियम?
भारत और न्यूजीलैंड ने FTA पर 27 अप्रैल 2026 को हस्ताक्षर किए थे. दोनों देशों ने अब इसे लागू करने की घरेलू प्रक्रिया पूरी कर ली है और समझौता 20 अक्टूबर 2026 से लागू होगा. यानी ड्यूटी में यह नई राहत 20 अक्टूबर से लागू होने वाले FTA के तहत मिलेगी. इसका असर बाजार में आने वाले कीवी की सप्लाई, इंपोर्ट लागत और अंततः खुदरा कीमत पर धीरे-धीरे दिखाई दे सकता है.
